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कभी भी हो सकता है बंगला नंबर 210बी का ध्वस्तीकरण
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:31 AM IST
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मेरठ। बंगला नंबर 210 बी की दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कभी भी हो सकती है। सोमवार को पुलिस फोर्स मुहैया होने पर कैंट बोर्ड यहां बुलडोजर चला सकता है।
कैंट बोर्ड ने 9 जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। इस दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें रह गईं थी। जनवरी महीने में आठ दुकानों की सील तोड़कर व्यापारियों ने सामान रख लिया था। हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करने पर कोर्ट ने मुख्य सचिव और डीएम-एसएसपी को तलब कर लिया था। इसके बाद कैंट बोर्ड की टीम ने दुकानों के ध्वस्तीकरण की कोशिश की थी, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते उनको पीछे हटना पड़ा था। इस मामले में हाईकोर्ट ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। जिसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की मीटिंग हुई थी। जिसमें चार अप्रैल को दुकानों के ध्वस्तीकरण की करना तय हुआ था। दो अप्रैल को शहर में बवाल के बाद कार्रवाई की तिथि टाल दी गई थी। 10 अप्रैल को उपद्रव के अंदेशे के चलते तो 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती की वजह से अभियान रोका रहा।
अब रविवार के बाद कभी भी दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। कैंट बोर्ड के अफसर उचित पुलिस फोर्स मिलने पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं, इस मामले में व्यापारी साफ कह चुके हैं कि हाईकोर्ट का आदेश उनकी दुकानों को लेकर नहीं है। ऐसे में वह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होने देंगे।
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कैंट बोर्ड ने 9 जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। इस दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें रह गईं थी। जनवरी महीने में आठ दुकानों की सील तोड़कर व्यापारियों ने सामान रख लिया था। हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करने पर कोर्ट ने मुख्य सचिव और डीएम-एसएसपी को तलब कर लिया था। इसके बाद कैंट बोर्ड की टीम ने दुकानों के ध्वस्तीकरण की कोशिश की थी, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते उनको पीछे हटना पड़ा था। इस मामले में हाईकोर्ट ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। जिसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की मीटिंग हुई थी। जिसमें चार अप्रैल को दुकानों के ध्वस्तीकरण की करना तय हुआ था। दो अप्रैल को शहर में बवाल के बाद कार्रवाई की तिथि टाल दी गई थी। 10 अप्रैल को उपद्रव के अंदेशे के चलते तो 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती की वजह से अभियान रोका रहा।
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अब रविवार के बाद कभी भी दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। कैंट बोर्ड के अफसर उचित पुलिस फोर्स मिलने पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं, इस मामले में व्यापारी साफ कह चुके हैं कि हाईकोर्ट का आदेश उनकी दुकानों को लेकर नहीं है। ऐसे में वह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होने देंगे।
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