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जीएसटी के प्रावधानों में मिल रहे सुधार के संकेत
Updated Mon, 15 Jan 2018 02:37 AM IST
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मेरठ। जीएसटी के प्रावधानों में संशोधन के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, जीएसटी काउंसिल ने इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग से भी सुझाव मांगे हैं। सूत्रों का मानना है कि नए वित्तीय वर्ष के बजट से पहले या बजट में जीएसटी में संशोधन देखने को मिल सकता है।
स्टेट जीएसटी मुख्यालय के जीएसटी लागू हुए छह माह बीत गए हैं। जीएसटी काउंसिल की अध्ययन कमेटी इस संबंध में कार्य कर रही है। साथ ही स्टेट जीएसटी मुख्यालय ने विभागीय एडिशनल कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर आदि को पत्र लिखकर जीएसटी के प्रावधानों का अवलोकन कर उसमें उचित संशोधन का सुझाव देने के लिए कहा है। इतना ही नहीं, जीएसटी लॉ ड्राफ्टिंग समिति के सदस्यों और जीएसटी केमास्टर ट्रेनरों से भी जीएसटी अधिनियम में संशोधन की गुंजाइश पूछी गई है। कहा गया है कि जिस प्रकार जीएसटी अधिनियम के किसी प्रावधान में संशोधन की गुंजाइश लगती है, उसका कारण बताते हुए अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी जाए। वाणिज्य कर सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के सभी छोटे बड़े शहरों में बाजारों के सर्वे और व्यापार संगठनों से वार्ता के बाद जो सुझाव आए हैं, उनमें उचित सुझावों को भी इनमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जीएसटी पोर्टल की व्यावहारिक दिक्कतों और कर सलाहकारों से मिले सुझावों पर भी विचार विमर्श किया जा सकता है। वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा का कहना है कि निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है। जो भी शिकायतें और सुझाव आते हैं, उन्हें काउंसिल को भेज दिया जाता है।
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स्टेट जीएसटी मुख्यालय के जीएसटी लागू हुए छह माह बीत गए हैं। जीएसटी काउंसिल की अध्ययन कमेटी इस संबंध में कार्य कर रही है। साथ ही स्टेट जीएसटी मुख्यालय ने विभागीय एडिशनल कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर आदि को पत्र लिखकर जीएसटी के प्रावधानों का अवलोकन कर उसमें उचित संशोधन का सुझाव देने के लिए कहा है। इतना ही नहीं, जीएसटी लॉ ड्राफ्टिंग समिति के सदस्यों और जीएसटी केमास्टर ट्रेनरों से भी जीएसटी अधिनियम में संशोधन की गुंजाइश पूछी गई है। कहा गया है कि जिस प्रकार जीएसटी अधिनियम के किसी प्रावधान में संशोधन की गुंजाइश लगती है, उसका कारण बताते हुए अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी जाए। वाणिज्य कर सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के सभी छोटे बड़े शहरों में बाजारों के सर्वे और व्यापार संगठनों से वार्ता के बाद जो सुझाव आए हैं, उनमें उचित सुझावों को भी इनमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जीएसटी पोर्टल की व्यावहारिक दिक्कतों और कर सलाहकारों से मिले सुझावों पर भी विचार विमर्श किया जा सकता है। वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा का कहना है कि निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है। जो भी शिकायतें और सुझाव आते हैं, उन्हें काउंसिल को भेज दिया जाता है।
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