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उतर प्रदेश में माल लाने की गाइडलाइंस जारी
Updated Mon, 24 Jul 2017 02:42 AM IST
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मेरठ। उत्तर प्रदेश में माल लाने के लिए गाइड लाइन जारी की गई है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक वे बिल (ईवे) रखने जरूरी होंगे। इन्हें राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
जो व्यापारी वैट में पंजीकृत थे, उनके लिए जीएसटीएन द्वारा प्राप्त प्रोविजनल आईडी के माध्यम से जीएसटी कॉमन पोर्टल पर माइग्रेट किया गया है। इसमें व्यापारी जीएसटीएन अंकित करने पर फर्म का नाम, पंजीयन तिथि तथा व्यापार स्थल का पता खुद अंकित हो जाएगा। अनुमोदन की सूचना ईवे बिल एक से संबंधित एसएमएस या ईमेल के माध्यम से व्यापारी के पंजीकृत ई-मेल तथा मोबाइल नंबर पर चली जाएगी। ऐसे समस्त व्यापारी जिनके द्वारा पूर्व से संभागीय ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है, वे अपने पूर्ववर्ती यूजर आईडी तथा पासवर्ड के माध्यम से ईवे बिल डाउनलोड कर सकते हैं तथा उन्हें पुन: रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक नहीं है। अंपजीकृत व्यापारियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि जीएसटी लगने के बाद अभी तक वैट के अंतर्गत आने वाले ईवे बिल को लागू करने के लिए राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया था, वह चाहे तो लागू करे या न करे। धांधली रोकने केलिए इसे यूपी में लागू किया जा रहा है। इसके तहत नियम है कि अगर बड़े पैमाने पर कोई सामान खरीदकर देश के बाहर से बिल ऑफ एंट्री द्वारा बिल इनवाइस से आयात करते हुए कई वाहनों में लाया जा रहा है तो उनका उल्लेख करना होगा। यदि माल लाने के दौरान प्रदेश की सीमा में प्रवेश के उपरांत वाहन खराब होता है तो ऐसी स्थिति में संबंधित परिवहन कर्ता द्वारा वाहन बदलने के परिप्रेक्ष्य में प्रार्थना पत्र नजदीक के राज्य वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय के प्रभारी को देकर अनुमति लेनी होगी।
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खास बात
- इलेक्ट्रॉनिक बिल रखना जरूरी, जीएसटी विभाग की वेबसाइट से करें डाउनलोड
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जो व्यापारी वैट में पंजीकृत थे, उनके लिए जीएसटीएन द्वारा प्राप्त प्रोविजनल आईडी के माध्यम से जीएसटी कॉमन पोर्टल पर माइग्रेट किया गया है। इसमें व्यापारी जीएसटीएन अंकित करने पर फर्म का नाम, पंजीयन तिथि तथा व्यापार स्थल का पता खुद अंकित हो जाएगा। अनुमोदन की सूचना ईवे बिल एक से संबंधित एसएमएस या ईमेल के माध्यम से व्यापारी के पंजीकृत ई-मेल तथा मोबाइल नंबर पर चली जाएगी। ऐसे समस्त व्यापारी जिनके द्वारा पूर्व से संभागीय ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है, वे अपने पूर्ववर्ती यूजर आईडी तथा पासवर्ड के माध्यम से ईवे बिल डाउनलोड कर सकते हैं तथा उन्हें पुन: रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक नहीं है। अंपजीकृत व्यापारियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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राज्य वस्तु एवं सेवा कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि जीएसटी लगने के बाद अभी तक वैट के अंतर्गत आने वाले ईवे बिल को लागू करने के लिए राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया था, वह चाहे तो लागू करे या न करे। धांधली रोकने केलिए इसे यूपी में लागू किया जा रहा है। इसके तहत नियम है कि अगर बड़े पैमाने पर कोई सामान खरीदकर देश के बाहर से बिल ऑफ एंट्री द्वारा बिल इनवाइस से आयात करते हुए कई वाहनों में लाया जा रहा है तो उनका उल्लेख करना होगा। यदि माल लाने के दौरान प्रदेश की सीमा में प्रवेश के उपरांत वाहन खराब होता है तो ऐसी स्थिति में संबंधित परिवहन कर्ता द्वारा वाहन बदलने के परिप्रेक्ष्य में प्रार्थना पत्र नजदीक के राज्य वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय के प्रभारी को देकर अनुमति लेनी होगी।
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खास बात
- इलेक्ट्रॉनिक बिल रखना जरूरी, जीएसटी विभाग की वेबसाइट से करें डाउनलोड