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लाभ से वंचित 13 हजार, रैंकिंग गिर रही लगातार

Wed, 07 Aug 2019 04:11 AM IST
Gaurav sharma अरीश रिजवी
अरीश रिजवी Published by: Gaurav sharma Updated Wed, 07 Aug 2019 04:11 AM IST
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13 thousand deprived of benefits, rankings continuously falling
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना - फोटो : अमर उजाला

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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि से 13687 महिलाएं वंचित हैं। योजना में पंजीकृत महिलाओं को पांच हजार रुपये मिलने हैं। दूसरी तरफ, योजना में प्रदेश में मेरठ की रैंकिंग भी लगातार गिरती जा रही है। पहले यह चौथे नंबर पर था, फिर नौवें नंबर पर पहुंचा और अब 12वें नंबर पर है।
यह खुलासा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम के तहत स्वास्थ्य विभाग की अगस्त 2019 में जारी रिपोर्ट में हुआ है। एक जनवरी 2017 के बाद होने वाले पहले बच्चे के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि पांच हजार रुपये कर दी है। यह रकम तीन किस्तों में महिला को मिलती है। पहली किस्त एक हजार रुपये गर्भावस्था के पंजीकरण के समय, दूसरी किस्त प्रसव पूर्व जांच के लिए दो हजार रुपये, तीसरी दो हजार रुपये की किस्त तब, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत होता है। यह सुविधा सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रसव पर मिलती है। एक जनवरी 2017 से लेकर 31 जुलाई 2019 तक इसके तहत 43824 महिलाएं पंजीकृत की गईं। इनमें 30137 को लाभ मिला है, जो 68.8 प्रतिशत है। 13687 महिलाएं लाभ से वंचित हैं।
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यह है लाभ न मिलने की वजह
लाभ से वंचित महिलाओं के या तो बैंक खाते नहीं हैं, या फिर उनके खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं। वहीं, विभाग की लापरवाही के कारण गांव से अलग मजरे में रह रहीं कुछ महिलाएं भी लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं हो पाई हैं।
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रैंकिंग में जल्द किया जाएगा सुधार
एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में मेरठ का पहले प्रदेश के 75 जिलों में चौथा स्थान था, फिर नौवां हुआ और अब 12वां है। जल्द ही रैंकिंग में सुधार किया जाएगा और जो महिलाएं लाभ से वंचित हैं, उन्हें लाभ दिया जाएगा।
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अफसरों को दी है हिदायत
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि प्रसूताएं योजना से वंचित न रहें, इसके लिए उन्होंने विभाग के अफसरों को हिदायत दी है। यह पैसा रूटीन के तहत लाभार्थियों के खाते में जाता रहता है। जो वंचित हैं, ऐसी महिलाओं को बैंक खाता खुलवाने और आधार से जोड़ने के लिए जागरूक करें।

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यह हैं नियम
इस योजना के लाभ के लिए महिला का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना जरूरी है। अस्पताल में खाता नंबर देने के बाद सीधे ही उसके खाते में राशि जमा होगी। ऑनलाइन भुगतान होने से महिलाओं को व उनके परिजनों को चेक के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
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