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मरीज को भर्ती करने से किया इंकार तो कार्रवाई को रहें तैयार
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मरीज को भर्ती करने से किया इंकार तो कार्रवाई को रहें तैयार
- मेडिकल की इमरजेंसी में लिखे गए निर्देश
- किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहा तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में अब बिना वजह मरीज को भर्ती करने से इंकार किया तो कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, डॉक्टर, कर्मचारी और स्टाफ अगर मरीज को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहता है तो भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में निर्देश लिख दिए गए हैं। सीएमएस डॉ. धीरज राज और डॉ. सुभाष दहिया के मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है, जिन पर इसकी शिकायत की जा सकेगी। अमर उजाला माई सिटी में मंगलवार को छपी खबर ‘38 फीसदी बेड खाली, फिर भी भर्ती करने में हीलाहवाली।’ के बाद यह निर्देश जारी हुए हैं।
दरअसल, अमर उजाला ने खुलासा किया था कि मेडिकल कॉलेज के स्टाफ पर आए दिन मरीज भर्ती न करने के आरोप लगते हैं। इसको लेकर तीमारदार भी हंगामा करते हैं। मेडिकल स्टाफ कभी इसकी वजह बेड फुल होना बताता है, तो कभी मरीज की हालत गंभीर बताकर हीलाहवाली करता है। जबकि सच्चाई यह है कि करीब 38 फीसदी बेड खाली रहते हैं। खबर छपते ही मंगलवार को इसे गंभीरता से लिया गया। सीएमएस ने सभी चिकित्सकों, स्टाफ और कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए।
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मेडिकल में मरीजों से भरे रहे बेड, सीएमएस ने किया निरीक्षण
मेडिकल में मंगलवार को मरीजों की काफी संख्या रही। बेड भरे नजर आए। किसी भी मरीज या उनके परिजनों ने भी बाहर रेफर करने या किसी निजी अस्पताल में भेजने की शिकायत नहीं की। सीएमएस डॉ. धीरज राज ने इमरजेंसी और अस्पताल में अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अगर कोई अब भी मरीजों को भर्ती करने में लापरवाही करता है तो कार्र्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई बार मरीज की गंभीर हालत होती है और उसका इलाज करने वाला चिकित्सक अगर यहां उपलब्ध नहीं हैं तो ही रेफर किया जा सकता है।
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मरीज को भर्ती करने से किया इंकार तो कार्रवाई को रहें तैयार
- मेडिकल की इमरजेंसी में लिखे गए निर्देश
- किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहा तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में अब बिना वजह मरीज को भर्ती करने से इंकार किया तो कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, डॉक्टर, कर्मचारी और स्टाफ अगर मरीज को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहता है तो भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में निर्देश लिख दिए गए हैं। सीएमएस डॉ. धीरज राज और डॉ. सुभाष दहिया के मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया है, जिन पर इसकी शिकायत की जा सकेगी। अमर उजाला माई सिटी में मंगलवार को छपी खबर ‘38 फीसदी बेड खाली, फिर भी भर्ती करने में हीलाहवाली।’ के बाद यह निर्देश जारी हुए हैं।
दरअसल, अमर उजाला ने खुलासा किया था कि मेडिकल कॉलेज के स्टाफ पर आए दिन मरीज भर्ती न करने के आरोप लगते हैं। इसको लेकर तीमारदार भी हंगामा करते हैं। मेडिकल स्टाफ कभी इसकी वजह बेड फुल होना बताता है, तो कभी मरीज की हालत गंभीर बताकर हीलाहवाली करता है। जबकि सच्चाई यह है कि करीब 38 फीसदी बेड खाली रहते हैं। खबर छपते ही मंगलवार को इसे गंभीरता से लिया गया। सीएमएस ने सभी चिकित्सकों, स्टाफ और कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए।
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मेडिकल में मरीजों से भरे रहे बेड, सीएमएस ने किया निरीक्षण
मेडिकल में मंगलवार को मरीजों की काफी संख्या रही। बेड भरे नजर आए। किसी भी मरीज या उनके परिजनों ने भी बाहर रेफर करने या किसी निजी अस्पताल में भेजने की शिकायत नहीं की। सीएमएस डॉ. धीरज राज ने इमरजेंसी और अस्पताल में अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अगर कोई अब भी मरीजों को भर्ती करने में लापरवाही करता है तो कार्र्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई बार मरीज की गंभीर हालत होती है और उसका इलाज करने वाला चिकित्सक अगर यहां उपलब्ध नहीं हैं तो ही रेफर किया जा सकता है।
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