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निकाय चुनाव में घमासान पर संघ परिवार की नजर
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:22 AM IST
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निकाय चुनाव में घमासान पर संघ परिवार की नजर
- भाजपा में भीतरीघात के साथ हुई लापरवाही पर संघ परिवार जुटा रहा रिपोर्ट
- लोकसभा चुनाव को देखते हुए मतगणना के बाद होगी बड़ी कार्रवाई
मेरठ।
नगर निगम चुनाव में भाजपा के भीतर मचे घमासान पर संघ परिवार की नजर लगी है। प्रत्याशी चयन से लेकर मतदान तक की पूरी रिपोर्ट गोपनीय रूप से तैयार की जा रही है। भाजपा सूत्रों की मानें तो मतगणना के बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में बड़ा फेरबदल तय है।
निगम चुनाव का आरक्षण जारी होने के साथ ही भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर उठापटक शुरू हो गयी थी। इस दौरान तमाम प्रत्याशी ऐसे उतारे गये जो भाजपा में भी नहीं थे और पुराने कार्यकर्ताओं को उपेक्षित कर दिया गया। इसके साथ ही कुछ निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी बनाये जाने की संघ परिवार की तरफ से भी औपचारिक पैरवी की गयी थी, लेकिन महानगर स्तर से ऐसे दावेदारों का नाम तक पैनल में नहीं भेजा गया। ऐसे में प्रत्याशी चयन के बाद शुरू हुई बगावत और चुनाव प्रचार और चुनावी रणनीति में फेल भाजपाइयों पर अब संघ परिवार की नजर टेढ़ी हो गयी है।
सूत्रों की मानें तो मतगणना का परिणाम चाहे कुछ रहे, लेकिन कुछ संगठन नेताओं पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। क्योंकि जिस तरह निगम चुनाव में संगठन की भूमिका रही है, उससे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संघ परिवार के साथ ही पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व की भी नजर लगी है। जिसके चलते बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
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- भाजपा में भीतरीघात के साथ हुई लापरवाही पर संघ परिवार जुटा रहा रिपोर्ट
- लोकसभा चुनाव को देखते हुए मतगणना के बाद होगी बड़ी कार्रवाई
मेरठ।
नगर निगम चुनाव में भाजपा के भीतर मचे घमासान पर संघ परिवार की नजर लगी है। प्रत्याशी चयन से लेकर मतदान तक की पूरी रिपोर्ट गोपनीय रूप से तैयार की जा रही है। भाजपा सूत्रों की मानें तो मतगणना के बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में बड़ा फेरबदल तय है।
निगम चुनाव का आरक्षण जारी होने के साथ ही भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर उठापटक शुरू हो गयी थी। इस दौरान तमाम प्रत्याशी ऐसे उतारे गये जो भाजपा में भी नहीं थे और पुराने कार्यकर्ताओं को उपेक्षित कर दिया गया। इसके साथ ही कुछ निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी बनाये जाने की संघ परिवार की तरफ से भी औपचारिक पैरवी की गयी थी, लेकिन महानगर स्तर से ऐसे दावेदारों का नाम तक पैनल में नहीं भेजा गया। ऐसे में प्रत्याशी चयन के बाद शुरू हुई बगावत और चुनाव प्रचार और चुनावी रणनीति में फेल भाजपाइयों पर अब संघ परिवार की नजर टेढ़ी हो गयी है।
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सूत्रों की मानें तो मतगणना का परिणाम चाहे कुछ रहे, लेकिन कुछ संगठन नेताओं पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। क्योंकि जिस तरह निगम चुनाव में संगठन की भूमिका रही है, उससे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संघ परिवार के साथ ही पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व की भी नजर लगी है। जिसके चलते बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
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