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पीसीएस रैंक के अधिकारी बना दिये पीठासीन
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:18 AM IST
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पीसीएस श्रेणी के अधिकारी बना दिए पीठासीन
मेरठ। नगरीय निकाय चुनाव की ड्यूटी आवंटन में पद की गरिमा का भी ध्यान नहीं रखा गया है। वाणिज्य कर विभाग के तमाम ऐसे अधिकारी जो पीसीएस श्रेणी के अधिकारियों में आते हैं, उन्हें पीठासीन अधिकारी बना दिया गया। ऐसे अधिकारी अपनी ड्यूटी परिवर्तित कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
डिप्टी कमिश्नर एसआईबी विनोद कुमार गुप्ता और डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर एके सिंह प्रथम श्रेणी के अधिकारी हैं। लेकिन इन्हें पीठासीन अधिकारी बना दिया गया। वहीं राजीव सिंह वर्मा, वाणिज्य कर अधिकारी हैं, जो द्वितीय श्रेणी के अधिकारी हैं। इन्हें भी नगर निकाय चुनाव में पीठासीन अधिकारी नियुक्त करते हुए 6 नवंबर को प्रशिक्षण के लिए आने का निर्देश दिया गया है। यही नहीं इसी विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी को चुनाव में सेवक (चपरासी) की ड्यूटी आवंटित की गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कई अन्य अधिकारी और भी ऐसे हैं जो वरिष्ठ श्रेणी में आते हैं, लेकिन उनकी ड्यूटी भी पीठासीन अधिकारी के रूप में लगाई गई है।
ये है पीठासीन अधिकारी का काम
पीठासीन अधिकारी अपने मतदान बूथ पर ईवीएम, बैलेट बॉक्स और बैलेट पेपर लेकर पहुंचेगा और मतदान के बाद लाइन में लगकर मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम में उन्हें जमा कराएगा।
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बनाना चाहिए था मजिस्ट्रेट
वाणिज्य कर विभाग सहित अन्य विभागों के जिन अधिकारियों की ड्यूटी पीठासीन अधिकारी के रूप में लगाई गई है। पूर्व में इस श्रेणी के अधिकारियों की ड्यूटी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में लगती आई है। लेकिन इस बार पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनाती देख सभी के होश उड़े हुए हैं। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ने जिलाधिकारी और सीडीओ से वार्ता की। इसके बाद इस त्रुटि को स्वीकार कर सुधारने की बात निर्वाचन से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों ने कही है।
खास बात
चुनाव ड्यूटी में नहीं रखा गया पद की गरिमा का ध्यान
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मेरठ। नगरीय निकाय चुनाव की ड्यूटी आवंटन में पद की गरिमा का भी ध्यान नहीं रखा गया है। वाणिज्य कर विभाग के तमाम ऐसे अधिकारी जो पीसीएस श्रेणी के अधिकारियों में आते हैं, उन्हें पीठासीन अधिकारी बना दिया गया। ऐसे अधिकारी अपनी ड्यूटी परिवर्तित कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
डिप्टी कमिश्नर एसआईबी विनोद कुमार गुप्ता और डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर एके सिंह प्रथम श्रेणी के अधिकारी हैं। लेकिन इन्हें पीठासीन अधिकारी बना दिया गया। वहीं राजीव सिंह वर्मा, वाणिज्य कर अधिकारी हैं, जो द्वितीय श्रेणी के अधिकारी हैं। इन्हें भी नगर निकाय चुनाव में पीठासीन अधिकारी नियुक्त करते हुए 6 नवंबर को प्रशिक्षण के लिए आने का निर्देश दिया गया है। यही नहीं इसी विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी को चुनाव में सेवक (चपरासी) की ड्यूटी आवंटित की गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कई अन्य अधिकारी और भी ऐसे हैं जो वरिष्ठ श्रेणी में आते हैं, लेकिन उनकी ड्यूटी भी पीठासीन अधिकारी के रूप में लगाई गई है।
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ये है पीठासीन अधिकारी का काम
पीठासीन अधिकारी अपने मतदान बूथ पर ईवीएम, बैलेट बॉक्स और बैलेट पेपर लेकर पहुंचेगा और मतदान के बाद लाइन में लगकर मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम में उन्हें जमा कराएगा।
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बनाना चाहिए था मजिस्ट्रेट
वाणिज्य कर विभाग सहित अन्य विभागों के जिन अधिकारियों की ड्यूटी पीठासीन अधिकारी के रूप में लगाई गई है। पूर्व में इस श्रेणी के अधिकारियों की ड्यूटी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में लगती आई है। लेकिन इस बार पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनाती देख सभी के होश उड़े हुए हैं। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ने जिलाधिकारी और सीडीओ से वार्ता की। इसके बाद इस त्रुटि को स्वीकार कर सुधारने की बात निर्वाचन से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों ने कही है।
खास बात
चुनाव ड्यूटी में नहीं रखा गया पद की गरिमा का ध्यान