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नाम के प्रचार से प्रभु होते हैं खुश
Updated Tue, 05 Sep 2017 03:15 AM IST
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नाम के प्रचार से प्रभु होते हैं खुश
मेरठ। इस्कॉन के सदस्य प्रभु रूपवान दास ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने भागवत गीता में उपदेश दिया है कि वह कण कण में विद्यमान हैं। जो उनके नाम का जन जन तक संदेश देता है प्रभु उससे खुश होते हैं। हमारा प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि इस संदेश को आगे बढ़ाएं। इससे धर्म का प्रचार होगा। आम जनमानस को अच्छे रास्ते पर चलने का अवसर मिलेगा। यह संदेश उन्होंने सोमवार को अमर उजाला मुख्यालय में भागवत गीता का प्रचार प्रसार करते समय दिया। उन्होंने भागवत के कई अध्यायों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत के एक बार पढ़ लेने भर से मानव का कल्याण हो जाता है। क्योंकि यही वह ग्रंथ है जिसको समाज ने धार्मिक ग्रंथ के रूप में मान्यता दी है। भागवत को स्वयं पढ़े और दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। इनके साथ रामकुमार एडवोकेट आदि रहे।
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मेरठ। इस्कॉन के सदस्य प्रभु रूपवान दास ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने भागवत गीता में उपदेश दिया है कि वह कण कण में विद्यमान हैं। जो उनके नाम का जन जन तक संदेश देता है प्रभु उससे खुश होते हैं। हमारा प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि इस संदेश को आगे बढ़ाएं। इससे धर्म का प्रचार होगा। आम जनमानस को अच्छे रास्ते पर चलने का अवसर मिलेगा। यह संदेश उन्होंने सोमवार को अमर उजाला मुख्यालय में भागवत गीता का प्रचार प्रसार करते समय दिया। उन्होंने भागवत के कई अध्यायों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत के एक बार पढ़ लेने भर से मानव का कल्याण हो जाता है। क्योंकि यही वह ग्रंथ है जिसको समाज ने धार्मिक ग्रंथ के रूप में मान्यता दी है। भागवत को स्वयं पढ़े और दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। इनके साथ रामकुमार एडवोकेट आदि रहे।