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अवैध यूनिपोल की भरमार, निगम पर पड़ रही मार

Mon, 06 May 2019 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 06 May 2019 01:48 AM IST
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अवैध यूनिपोल की भरमार, निगम पर पड़ रही मार
अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ। अवैध होर्डिंग और यूनिपोल कारोबारी की मनमानी के आगे नगर निगम बेबस नजर आ रहा है। शहर में बीओटी मार्ग, चौराहों सहित ज्यादातर मार्गों पर खड़े अवैध यूनिपोल और होर्डिंग पर नगर निगम अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।अभियान के तहत केवल छोटे होर्डिंग हटाकर जुर्माना वसूला जा रहा है। वहीं यूनिपोल पर गलत डायरेक्शन बोर्ड के कारण लोग भटक रहे हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के कारण संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती।
बीओटी मार्ग सहित शहर के अन्य मार्गों पर हर बीस कदम पर अवैध यूनिपोल खड़े कर दिए गए हैं। इन पर डायरेक्शन बोर्ड तक नहीं है। वहीं इनकी गिनती करने के लिए निगम अधिकारी सड़क पर उतरने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि होर्डिंग कारोबारी के पीछे लखनऊ में बैठे कोई बड़े अधिकारी हैं। जिनके नाम से होर्डिंग ठेेकेदार निगम में तैनात अधिकारियों को ट्रांसफर तक की धमकी देना शुरू कर देते हैं। वहीं शहर में अवैध होर्डिंग हटाने के लिए चलाया जा रहा अभियान भी निगम अधिकारियों की मंशा की पोल खोल रहा है। जहां बड़े होर्डिंग कारोबारियों को सहयोग किया जा रहा है वहीं शहर में जगह-जगह लगाए गए छोटे छोटे होर्डिंग को हटाकर जुर्माना वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं बीओटी मार्गों को होर्डिंग हटाओ अभियान में भी शामिल नहीं किया गया है। निगम के अधिकारियों ने पिछले माह दावा किया था कि शहर में अवैध होर्डिंग नहीं हैं। अब अभियान शुरू किया है तो निगम अधिकारी प्रतिदिन 30 से 40 अवैध होर्डिंग हटाने का दावा कर रहे हैं। सवाल है कि निगम के अधिकारियों का दावा पहले सही था या अब।
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अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर जुर्माना क्यों नहीं
निगम एक्ट के मुताबिक शहर में कोई अवैध यूनिपोल या फिर होर्डिंग लगाकर प्रचार प्रसार करता है तो उस कंपनी और होर्डिंग कारोबारी से जुर्माने के साथ होर्डिंग किराया वसूला जाता है। साथ ही बगैर अनुमति के होर्डिंग लगाने पर एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। लेकिन निगम के अफसर होर्डिंग के इस अवैध कारोबार को बंद कराने की बजाय सहयोग कर रहे हैं।
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डायरेक्शन बोर्ड पर ही लगा रखी थी प्रचार सामग्री
तूफान के संकेत का हवाला देते हुए होर्डिंग प्रभारी द्वारा तीन दिन पहले ठेकेदारों को दिए निर्देश पर अमल शुरू हो गया है। शहर में लगे अधिकतर यूनिपोल से प्रचार सामग्री हटा ली गई है। प्रचार सामग्री हटते डायरेक्शन बोर्ड दिखने लगे हैं। ठेकेदार ने इनके ऊपर ही प्रचार सामग्री लगवा दी थी।
डायरेक्शन बोर्ड कर रहे गुमराह
शहर में बीओटी ठेकेदारों ने यूनिपोल पर डायरेक्शन बोर्ड लगवाए हुए तो हैं, लेकिन सही स्थान पर नहीं। दिल्ली रोड पर बहादुर मोटर्स के निकट यूनिपोल पर लगे डायरेक्शन बोर्ड पर संजय वन, बिजली बंबा मार्ग को दर्शाया गया है। नवीन मंडी के सामने खड़े यूनिपोल पर चौ. चरण सिंह विवि की डायरेक्शन दी जा रही है। इससे लोग सही मार्ग पर जाने की बजाय गलत मार्ग पर भटक रहे हैं।

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पुलिस बल नहीं मिला
एक यूनिपोल को हटाने के लिए एक घंटा चाहिए। वह भी सड़कें खाली होनी चाहिए। मशीनें, कटर, और पुलिस की व्यवस्था जरूरी है। जो हमारे पास नहीं है। इसलिए पहले अन्य मार्गों से अवैध होर्डिंग हटवाए जा रहे हैं। इसके बाद बीओटी मार्गों से भी अवैध यूनिपोल हटवाए जाएंगे। होर्डिंग इंस्पेक्टर को बीओटी मार्ग और चौराहों पर लगे सभी यूनिपोल की गणना करने और नंबर डालने के निर्देश दिए हैं। -राजेश कुमार, होर्डिंग प्रभारी नगर निगम
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