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निगम में लाखों के डस्टबिन हो रहे कबाड़

Mon, 11 Feb 2019 02:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2019 02:14 AM IST
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निगम में लाखों के डस्टबिन हो रहे कबाड़
नगर निगम में लाखों के डस्टबिन हो गए कबाड़
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। स्वच्छ भारत मिशन को नगर निगम में जमकर पलीता लगाया जा रहा है। शहर को कूड़ा मुक्त करने के उद्देश्य से खरीदे गए डस्टबिनों में से 500 निगम के वाहन डिपो में जंग खा रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से जहां खजाने को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं गंदगी के कारण शहर की जनता भी परेशान है।
दो करोड़ रुपये के खरीदे थे डस्टबिन
तीन साल पहले नगर निगम ने दो करोड़ रुपये से करीब 600 बड़े डस्टबिन खरीदे थे। इन डस्टबिनों को शहर के विभिन्न स्थानों पर रखने की योजना थी। डस्टबिन की खेप आने के बाद इनमें से मात्र 100 डस्टबिन ही शहर के कुछ ही इलाकों में रखवाए गए, लेकिन इनका भी सही से रखरखाव नहीं हो सका। इस कारण ये समय से पहले ही जर्जर हो गए।
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डिपो में जमा हैं बचे हुए डस्टबिन
डस्टबिन खरीद के बाद से ही 500 डस्टबिन दिल्ली रोड स्थित वाहन डिपो के सामने अतुल माहेश्वरी सेतु के नीचे और वाहन डिपो में, सूरजकुंड स्थित वाहन डिपो, कंकरखेड़ा वाहन डिपो और नगर निगम परिसर स्थित स्टोर में बेतरतीब पड़े हुए हैं। इनका अभी तक उपयोग ही नहीं किया गया है।
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काम में लिए नहीं, रिपेयर पर लाखों खर्च
वाहन डिपो में पड़े डस्टबिनों का उपयोग नहीं किया गया। सही से रखरखाव न होने के कारण ये जर्जर हो गए। पिछले साल नगर निगम ने इनकी रिपेयर पर लाखों रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद भी इन्हें शहर के इलाकों में नहीं रखवाया गया।
खुले में कूड़े पर प्रतिबंध की थी व्यवस्था
शहर में कहीं पर भी कूड़ा खुले में नहीं होना चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी यह गाइड लाइन है। शासन के निर्देश के अनुपालन को ही नगर निगम प्रशासन ने डस्टबिन खरीद की थी। इतना ही नहीं इनको प्रतिदिन उठाने के लिए अलग से गाड़ी खरीद भी हुई थी। ये डस्टबिन सीधे गाड़ी से ही उठाए जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

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वर्जन...
रखवाएं जाएंगे डस्टबिन
डस्टबिन शहर में रखे जाने चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा। शहर में कहीं भी डस्टबिन रखने का विरोध होता है तो कुछ स्थान ऐसे जरूर होंगे जहां रखवाए जा सकते हैं। इसकी व्यवस्था कराई जाएगी। -अमित सिंह, अपर नगरायुक्त
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