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कुलपति के चयन को लेकर प्रक्रिया शुरू
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:24 AM IST
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जल्द हो सकती है सर्च कमेटी की बैठक
- तीन अगस्त तक का है कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कार्यकाल
- बैठक के बाद पांचों नाम में से एक नाम तय करेंगे राज्यपाल
मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विवि के कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कार्यकाल तीन अगस्त को पूरा हो रहा है। ऐसे में नए कुलपति के लिए लखनऊ में जल्द ही सर्च कमेटी की बैठक हो सकती है। बैठक के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नए कुलपति कौन बनेंगे।
विवि में कुलपति की नियुक्ति के लिए एक सर्च कमेटी का गठन किया जाता है। इसमें एक सदस्य का नाम विवि की कार्य परिषद् तय करती है। सीसीएसयू कार्य परिषद् की तरफ से अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विवि के पूर्व कुलपति मोहन लाल छीपा का नाम भेजा जा चुका है। एक सदस्य प्रमुख सचिव राज्यपाल होंगे एवं दूसरे प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा। एक नाम राज्यपाल तय करते हैं। इसमें किसी रिटायर कुलपति को रखा जाता है। सर्च कमेटी की तरफ से पोर्टल पर कुलपति के पद के लिए आवेदन मांगे जाते हैं। कमेटी इन नामों में से पांच नाम राज्यपाल के पास भेजती है। उनको राजभवन बुलाया जाता है। सभी से मुलाकात के बाद राज्यपाल कुलपति का नाम तय करते हैं। क्योंकि प्रो. एनके तनेजा के कार्यकाल में सिर्फ 20 दिन बचे हैं। ऐसे में जल्द ही सर्च कमेटी की बैठक हो सकती है।
ईमानदार और तेजतर्रार कुलपति चाहते हैं राज्यपाल
राज्यपाल राम नाईक की छवि शुरू से ही बेहद ईमानदार नेता की रही है। वे विश्वविद्यालयों में बदलाव चाहते हैं। ऐसे में उनकी पसंद ईमानदार और तेजतर्रार कुलपति की रहती है। अब देखना यह है कि राज्यपाल किसके नाम पर मुहर लगाएंगे।
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- तीन अगस्त तक का है कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कार्यकाल
- बैठक के बाद पांचों नाम में से एक नाम तय करेंगे राज्यपाल
मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विवि के कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कार्यकाल तीन अगस्त को पूरा हो रहा है। ऐसे में नए कुलपति के लिए लखनऊ में जल्द ही सर्च कमेटी की बैठक हो सकती है। बैठक के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नए कुलपति कौन बनेंगे।
विवि में कुलपति की नियुक्ति के लिए एक सर्च कमेटी का गठन किया जाता है। इसमें एक सदस्य का नाम विवि की कार्य परिषद् तय करती है। सीसीएसयू कार्य परिषद् की तरफ से अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विवि के पूर्व कुलपति मोहन लाल छीपा का नाम भेजा जा चुका है। एक सदस्य प्रमुख सचिव राज्यपाल होंगे एवं दूसरे प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा। एक नाम राज्यपाल तय करते हैं। इसमें किसी रिटायर कुलपति को रखा जाता है। सर्च कमेटी की तरफ से पोर्टल पर कुलपति के पद के लिए आवेदन मांगे जाते हैं। कमेटी इन नामों में से पांच नाम राज्यपाल के पास भेजती है। उनको राजभवन बुलाया जाता है। सभी से मुलाकात के बाद राज्यपाल कुलपति का नाम तय करते हैं। क्योंकि प्रो. एनके तनेजा के कार्यकाल में सिर्फ 20 दिन बचे हैं। ऐसे में जल्द ही सर्च कमेटी की बैठक हो सकती है।
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ईमानदार और तेजतर्रार कुलपति चाहते हैं राज्यपाल
राज्यपाल राम नाईक की छवि शुरू से ही बेहद ईमानदार नेता की रही है। वे विश्वविद्यालयों में बदलाव चाहते हैं। ऐसे में उनकी पसंद ईमानदार और तेजतर्रार कुलपति की रहती है। अब देखना यह है कि राज्यपाल किसके नाम पर मुहर लगाएंगे।
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