फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   सरकारी जमीन से बाहर होंगे 87 कब्जेदार

सरकारी जमीन से बाहर होंगे 87 कब्जेदार

Thu, 08 Mar 2018 02:32 AM IST
Updated Thu, 08 Mar 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
सरकारी जमीन से बाहर होंगे 87 कब्जेदार
सरकारी जमीन से बाहर होंगे 87 कब्जेदार
विज्ञापन

मेरठ। हापुड़ अड्डा स्थित सरकारी जमीन खसरा नंबर 4632 के 87 कब्जेदारों को प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिए हैं। इन सभी को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा नजूल प्रभारी की तरफ से जारी नोटिस में 21 मार्च तक कब्जा छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद कब्जेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
ये है मामला
अमर उजाला ने 21 जून 2017 के अंक में ‘सरकारी जमीन पर करोड़ों का कांप्लैक्स’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया गया था कि खसरा नंबर 4632 नजूल की जमीन है और एक बिल्डर ने अवैध रुप से बिना नक्शा स्वीकृत कराए 72 दुकानों का अवैध कांप्लैक्स बनाकर दुकानें बेच दी हैं। इस खबर पर प्रशासन जागा और जांच करायी। जिसमें पता चला कि उक्त कांप्लैक्स ही नहीं बल्कि खसरा नंबर 4632 जिसका पूरा क्षेत्रफल 4930 वर्ग मीटर है, उसकी 3991.65 वर्ग मीटर पर अवैध कब्जा हो चुका है। इसके बाद प्रशासन ने एमडीए से भी जांच करायी, जिसमें सामने आया कि इस जमीन पर बना कांप्लैक्स पूरी तरह अवैध है, जबकि बाकी निर्माण और उसके कब्जेदार बहुत पुराने हैं। इसके बाद एमडीए ने कार्रवाई करते हुए उक्त कांप्लैक्स को 31 जुलाई को ध्वस्त कर दिया था।
विज्ञापन

सारी जमीन नजूल की
तहसील सदर की रिपोर्ट में जब यह सिद्ध हो गया कि यह पूरी जमीन नजूल की है, तो एडीएम वित्त तथा नजूल प्रभारी की तरफ से सभी चिह्नित कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया। जिसमें सभी से उनके मालिकाना हक के कागज मांगे गए थे। इसके बाद यह मामला कोर्ट चला गया। लेकिन इस बीच एडीएम ने इस मामले को वाद में तब्दील कर संबंधित क्षेत्र की एसीएम कोर्ट में सुनवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया। लेकिन कब्जेदारों ने इस पर आपत्ति दर्ज करायी और कहा कि पहले उन्हें एडीएम वित्त के यहीं सुना जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिर उठा मामला
पिछले तीन माह से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था। लेकिन शिकायतकर्ता द्वार ाभी हाईकोर्ट में रिट दायर की गयी थी और कब्जेदार भी कोर्ट जा चुके हैं। ऐसे में इस मामले में अब एडीएम द्वारा फिर से नोटिस जारी करने से मामला गरमा गया है।
36 करोड़ की है पूरी जमीन
जिस जगह यह सरकारी जमीन है, उसका सर्किल रेट 90 हजार रुपये वर्ग मीटर है। ऐसे में सिर्फ जमीन की कीमत ही करीब 36 करोड़ रुपये बैठती है। इस बेशकीमती जमीन को मुक्त कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है।

21 मार्च तक हटाएं कब्जा
तहसील की रिपोर्ट में स्पष्ट हो चुका है कि जमीन नजूल की है। ऐसे में सरकारी जमीन को मुक्त कराने के अभियान के तहत सभी कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें सभी से 21 मार्च तक कब्जा हटाने को कहा गया है। -आनंद कुमार, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)



खास बातें:
हापुड़ अड्डा का मामला, एडीएम वित्त ने जारी किए नोटिस
नजूल की 4 हजार वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन पर हैं काबिज
अमर उजाला ने किया था खुलासा, अवैध कांप्लैक्स हो चुका है ध्वस्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed