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श हर में गड्ढे
Updated Tue, 29 Aug 2017 01:04 AM IST
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अफसरों के भरोसे नहीं, खुद रहें सावधान
अगर आप मेरठ की सड़कों पर चल रहे हैं तो अफसरों के भरोसे रहने के बजाय खुद ही सावधान रहिये। एमडीए, पीडब्लूडी या नगर निगम अफसरों को शहर वासियों की कोई चिंता नहीं है। लोग सड़क पर चलते घायल हों या हादसे के शिकार, इससे अफसरों को कोई लेना देना नहीं है। शासन ने शहर की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिये थे। एक बार समय सीमा भी बढ़ा दी। मगर शहर के जिम्मेदार अफसर बस दावे करते रहे, मगर काम नहीं हुआ। अब शहर की सड़के ऐसी हो चुकी है कि कब कोई हादसे का शिकार हो जाये कहा नहीं जा सकता। बागपत रोड, घंटाघर, नूर नगर रोड, लिसाड़ी गेट, समर गार्डन की हालत तो ऐसी हो चुकी है कि लगता नहीं कि ये शहर की सड़कें हैं। कौन करेगा आम जनता की सुनवाई।
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अगर आप मेरठ की सड़कों पर चल रहे हैं तो अफसरों के भरोसे रहने के बजाय खुद ही सावधान रहिये। एमडीए, पीडब्लूडी या नगर निगम अफसरों को शहर वासियों की कोई चिंता नहीं है। लोग सड़क पर चलते घायल हों या हादसे के शिकार, इससे अफसरों को कोई लेना देना नहीं है। शासन ने शहर की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिये थे। एक बार समय सीमा भी बढ़ा दी। मगर शहर के जिम्मेदार अफसर बस दावे करते रहे, मगर काम नहीं हुआ। अब शहर की सड़के ऐसी हो चुकी है कि कब कोई हादसे का शिकार हो जाये कहा नहीं जा सकता। बागपत रोड, घंटाघर, नूर नगर रोड, लिसाड़ी गेट, समर गार्डन की हालत तो ऐसी हो चुकी है कि लगता नहीं कि ये शहर की सड़कें हैं। कौन करेगा आम जनता की सुनवाई।