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अंबिकापुर प्रोजेक्ट बदलेगा मेरठ की सूरत

Thu, 27 Jul 2017 03:10 AM IST
Updated Thu, 27 Jul 2017 03:10 AM IST
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अंबिकापुर प्रोजेक्ट बदलेगा मेरठ की सूरत
मेरठ। शहर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने तथा गोबर निस्तारण के लिए छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्वच्छता मॉडल को अपनाया जाएगा। इस संबंध में आयुक्त सभागार में एनजीओ स्वदेश स्वच्छता मिशन के प्रतिनिधि द्वारा कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के समक्ष प्रजेंटेशन दिया गया। कमिश्नर ने नगरायुक्त को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के साथ ही इस प्रोजेक्ट पर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए।
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नगर आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि अंबिकापुर मॉडल को भारत सरकार से अवार्ड प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया। डिस्कवरी और हिस्ट्री चैनल पर भी इसे पसंद किया गया। उन्होंने बताया कि अंबिकापुर में पूर्व में नगर पालिका को कूड़ा उठाने व अन्य मदों में 12 से 15 लाख का व्यय करना पड़ता था। यह प्रक्रिया अपनाने के बाद वहां अब 20 लाख रुपये प्रतिमाह की आमदनी होती है।
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चार कमेटी बनेंगी
प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के लिए चार कमेटी गठित होंगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मॉनीटरिंग कमेटी बनेगी, जिसमें नगरायुक्त भी होंगे। दूसरी जागरूकता कमेटी में स्कूल, कॉलेज व सोशल वर्कर होंगे। तीसरी एक्जीक्यूटिव कमेटी में सरकारी कर्मचारी व कोऑपरेटिव सोसाइटी के सदस्य होंगे। जबकि चौथी एक्जीक्यूशनल ऑपरेशनल टीम होगी, जिसमें स्टाफ व स्वयं सहायता समूह शामिल हाेंगे।
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राजस्व भी बढेगा
प्रजेंटेशन करने वाले इंजीनियर प्रवीन नायक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से अंबिकापुर में केवल क्षेत्र को साफ रखने में मदद ही नहीं मिली बल्कि वहां इससे राजस्व की प्राप्ति भी हुई। मॉडल अंतर्गत घरोे में बॉयो डिग्रेडेबल व नॉन बायो डिग्रेडेबल कचरे के लिए अलग-अलग दो डस्टबिन दी गईं तथा कूड़ा उठाने के लिए घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से धनराशि प्रतिमाह ली गयी। इससे प्रदूषण का स्तर कम होगा व कार्बन क्रेडिट शेयरिंग भी कम होगी।

एप से होगी मॉनीटरिंग
प्रजेंटेशन के अनुसार मोबाइल ऐप से इसकी मॉनिटरिंग होगी। एक डाटा सेंटर भी बनाया जाएगा। प्रोजेक्ट में रोजगार के अलावा शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। प्राकृतिक संसाधनाें का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। कर्मियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी होगा। इस अवसर पर अपर आयुक्त आरएन धामा, सीएमओ डॉ. राजकुमार, मुख्य अभियंता निगम केबी वार्ष्णेय, अधिशासी अभियंता मोइनीउद्दीन मौजूद रहे।
खास बात
- कमिश्नर ने कहा, प्रोजेक्ट की डीपीआर बनवाकर लागू कराए नगर निगम
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