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सड़क पर पड़े मिले पीडब्लूडी के दस्तावेज
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सड़क पर पड़े मिले पीडब्लूडी के दस्तावेज
- डीएम आवास के पास कागजों का पड़ा था ढेर, एसडीएम सदर ने की जांच
मेरठ।
डीएम आवास के पास सरकारी दस्तावेज का जखीरा पड़ा होने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर कमलेश गोयल जांच के बाद पीडब्लूडी के अधिकारियों को सूचना दी।
रविवार दोपहर एसडीएम सदर कमलेश गोयल को उनके कर्मचारियों ने सूचना दी कि आंबेडकर चौराहे से डीएम आवास जाने वाले मार्ग के नुक्कड़ पर बड़ी मात्रा में सरकारी कागज पड़े हैं। इस पर एसडीएम मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों की मदद से दस्तावेजों की जांच की। सभी कागज पीडब्लूडी विभाग से संबंधित थे। कई दस्तावेज बहुत पुराने थे तो कुछ पिछले साल के थे। मामले में एसडीएम सदर कमलेश गोयल ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी और इस पर संज्ञान लेने को कहा।
दस्तावेज पड़े होने पर उठे सवाल
सरकारी दफ्तरों में दस्तावेज कितने भी पुराने हों, लेकिन फेंके नहीं जाते हैं। दस्तावेजों को स्टोर में संभालकर रखा जाता है। यदि दस्तावेज किसी उपयोग के नहीं है, तो उन्हें रद्दी के स्टॉक में रख दिया जाता है। जिसे विभागीय अनुमति के बाद नीलामी प्रक्रिया के तहत बेचा जाता है।
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विधान सभा में उठे सवालों के पत्र भी मौजूद
इन दस्तावेजों में व्यापार कर की रसीदें, निर्माण कार्य संबंधी पत्रों के साथ 2008 में विधान सभा में उठाये गये एक सवाल का भी दस्तावेज है। इस तरह के अभिलेखों का रद्दी में पड़े होना कई सवाल उठा रहा है।
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- डीएम आवास के पास कागजों का पड़ा था ढेर, एसडीएम सदर ने की जांच
मेरठ।
डीएम आवास के पास सरकारी दस्तावेज का जखीरा पड़ा होने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर कमलेश गोयल जांच के बाद पीडब्लूडी के अधिकारियों को सूचना दी।
रविवार दोपहर एसडीएम सदर कमलेश गोयल को उनके कर्मचारियों ने सूचना दी कि आंबेडकर चौराहे से डीएम आवास जाने वाले मार्ग के नुक्कड़ पर बड़ी मात्रा में सरकारी कागज पड़े हैं। इस पर एसडीएम मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों की मदद से दस्तावेजों की जांच की। सभी कागज पीडब्लूडी विभाग से संबंधित थे। कई दस्तावेज बहुत पुराने थे तो कुछ पिछले साल के थे। मामले में एसडीएम सदर कमलेश गोयल ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी और इस पर संज्ञान लेने को कहा।
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दस्तावेज पड़े होने पर उठे सवाल
सरकारी दफ्तरों में दस्तावेज कितने भी पुराने हों, लेकिन फेंके नहीं जाते हैं। दस्तावेजों को स्टोर में संभालकर रखा जाता है। यदि दस्तावेज किसी उपयोग के नहीं है, तो उन्हें रद्दी के स्टॉक में रख दिया जाता है। जिसे विभागीय अनुमति के बाद नीलामी प्रक्रिया के तहत बेचा जाता है।
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विधान सभा में उठे सवालों के पत्र भी मौजूद
इन दस्तावेजों में व्यापार कर की रसीदें, निर्माण कार्य संबंधी पत्रों के साथ 2008 में विधान सभा में उठाये गये एक सवाल का भी दस्तावेज है। इस तरह के अभिलेखों का रद्दी में पड़े होना कई सवाल उठा रहा है।