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रैपिड के पहले चरण के लिए पाइल लोड टेस्टिंग शुरू
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रैपिड के पहले चरण के लिए पाइल लोड टेस्टिंग शुरू
मेरठ। दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे में पूरा कराने को लेकर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की तरफ से तेजी से कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक निर्माण कार्य होना है। एनसीआरटीसी एमडी विनय कुमार के नेतृत्व में बुधवार को मोहननगर फ्लाईओवर के पास पाइल लोड टेस्टिंग शुरू कर दी गई। रैपिड रेल अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली सरकार भी अब सराय काले खां पर बनाए जाने वाले एलीवेटेड स्टेशन के लिए राजी हो गई है। एक फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने जा रही सुनवाई में दिल्ली सरकार द्वारा फंड न देने के मामले में भी फैसला आने की उम्मीद है।
82 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट में एनसीआरटीसी की तरफ से पिछले छह महीने में तेजी से कार्य किया गया। हालांकि, अभी फाइल लोक निवेश बोर्ड में अटकी हुई है। यहां से सहमति मिलने के बाद पहले चरण का निर्माण शुरू होगा। सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा कर दिया गया है।
180 किलोमीटर होगी रफ्तार
दिल्ली-मेरठ रूट पर 180 किलोमीटर की रफ्तार से रैपिड रेल का संचालन किया जाएगा। इसी को देखते हुए पाइल लोड टेस्ट किया जा रहा है। पाइल लोड टेस्ट में मिट्टी की जांच और क्रंकीट का कितना उपयोग करना है, यह सब देखा जाता है। इस प्रक्रिया में दो महीने लगते हैं। वहीं, पहले चरण में आठ गड्ढे खोदे जाएंगे, उसी स्थान पर पाइल लोड टेस्ट होगा।
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30 गुना ज्यादा भार से होगा परीक्षण
एनसीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि पाइल लोड टेस्ट का परीक्षण 30 गुना ज्यादा भार से किया जाएगा, जिससे 180 किलोमीटर की गति से रैपिड रेल के चलने से भविष्य मेें कोई परेशानी न हो। पहले चरण में रैपिड रेल का रूट एलीवेटेड है। इसको लेकर भी भार को अधिक किया जा रहा है।
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मेरठ। दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे में पूरा कराने को लेकर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की तरफ से तेजी से कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक निर्माण कार्य होना है। एनसीआरटीसी एमडी विनय कुमार के नेतृत्व में बुधवार को मोहननगर फ्लाईओवर के पास पाइल लोड टेस्टिंग शुरू कर दी गई। रैपिड रेल अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली सरकार भी अब सराय काले खां पर बनाए जाने वाले एलीवेटेड स्टेशन के लिए राजी हो गई है। एक फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने जा रही सुनवाई में दिल्ली सरकार द्वारा फंड न देने के मामले में भी फैसला आने की उम्मीद है।
82 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट में एनसीआरटीसी की तरफ से पिछले छह महीने में तेजी से कार्य किया गया। हालांकि, अभी फाइल लोक निवेश बोर्ड में अटकी हुई है। यहां से सहमति मिलने के बाद पहले चरण का निर्माण शुरू होगा। सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा कर दिया गया है।
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180 किलोमीटर होगी रफ्तार
दिल्ली-मेरठ रूट पर 180 किलोमीटर की रफ्तार से रैपिड रेल का संचालन किया जाएगा। इसी को देखते हुए पाइल लोड टेस्ट किया जा रहा है। पाइल लोड टेस्ट में मिट्टी की जांच और क्रंकीट का कितना उपयोग करना है, यह सब देखा जाता है। इस प्रक्रिया में दो महीने लगते हैं। वहीं, पहले चरण में आठ गड्ढे खोदे जाएंगे, उसी स्थान पर पाइल लोड टेस्ट होगा।
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30 गुना ज्यादा भार से होगा परीक्षण
एनसीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि पाइल लोड टेस्ट का परीक्षण 30 गुना ज्यादा भार से किया जाएगा, जिससे 180 किलोमीटर की गति से रैपिड रेल के चलने से भविष्य मेें कोई परेशानी न हो। पहले चरण में रैपिड रेल का रूट एलीवेटेड है। इसको लेकर भी भार को अधिक किया जा रहा है।