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ना मिला मुआजवा, ना हो सका तटबंध का स्थायी समाधान

Fri, 25 Jan 2019 02:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jan 2019 02:26 AM IST
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ना मिला मुआजवा, ना हो सका तटबंध का स्थायी समाधान
हस्तिनापुर क्षेत्र में बीते वर्ष आई बाढ़ से हजारों हेक्टेयर फसल हो गई थी बर्बाद
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गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने दिया था जल्द मुआवजा दिलाने का भरोसा
शरद गुप्ता
मवाना। खादर क्षेत्र में लगभग पांच माह पहले आई बाढ़ से नष्ट हुई लाखों-करोड़ों रुपये की धान एवं ज्वार की फसल का मुआवजा अब तक किसानों को नहीं मिल सका है। मुआवजा नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, प्रशासन की हीलाहवाली उजागर हो रही है। हालांकि गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा बाढ़ के दौरान खादर क्षेत्र का दौरा कर जल्द मुआवजा दिलाए जाने का किसानों को आश्वासन देकर गए थे।
19 गांव के 4810 लोग हुए थे बाढ़ से प्रभावित
अगस्त में ऋषिकेश एवं हरिद्वार से गंगा का पानी छोड़े जाने से खादर क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई थी। इससे 19 गांव प्रभावित हुए थे। जिनमें रहने वाले 4810 लोगों को बाढ़ के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। बाढ़ का पानी लगभग 7523.045 हेक्टयेर क्षेत्रफल में फैल गया था, जिस कारण लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ा था।
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हजारों हेक्टेयर फसल हुई थी नष्ट
खादर क्षेत्र के 19 गांव के किसानों ने अपने खेतों में उस दौरान धान, ज्वार, पशुओं का चारा व गन्ने की फसल उगा रखी थी। बाढ़ से गन्ने को तो नुकसान कम हुआ परंतु धान व ज्वार की हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न होने से नष्ट हो गई थी। जिस कारण किसानों की करोड़ों रुपये की फसल बाढ़ की चपेट में आने से बर्बाद हो गई थी। इस दौरान राज्यमंत्री सुरेश राणा ने भी खादर क्षेत्र में दौराकर किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है।
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स्थायी तटबंध भी नहीं बनाया गया
हर वर्ष तटबंध टूट जाने के कारण खादर क्षेत्र के गंगा किनारे सटे गांव के लोगों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है। बाढ़ आने के दौरान ही प्रशासन पक्का तटबंध बनाने के लिए फाइल चलाता है परंतु बाढ़ का पानी उतर जाने के बाद यह फाइल सरकारी दफ्तरों में धूल चाटती रह जाती है। इस बार भी अगस्त में आई बाढ़ के बाद सिंचाई विभाग ने 85 करोड़ की लागत से यहां पक्का तटबंध बनाने के लिए फाइल प्रशासन को सौंपी थी। जिसके बाद फाइल को आगे भेज दिया गया। इसके बावजूद आज तक पक्का तटबंध बनाने के लिए प्रस्ताव पास नहीं हो सका है।
ये गांव हुए थे प्रभावित
शिरजेपुर, हादीपुर गांवड़ी, बधवा, खेड़ी कलां, हरिपुर, परसापुर हंसापुर, गोकलपुर, दुपेड़ी चाव, ऐदलपुर, खरखाली, मनोहरपुर, दबखेड़ी, चामरोद, मागूपुर, बाजमपुर, फतेहपुर प्रेम, रठोड़ा कलां, किशनपुर खादर, मखदूमपुर आदि।
खादर क्षेत्र में पक्का तटबंध बनाने की प्रक्रिया लगातार चल रही है। शासन से प्रस्ताव पास होते ही तटबंध बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।-अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना

तहसील से बाढ़ पीड़ित किसानों की मुआवजे की फाइल शासन को भेज दी गई है। वहां से धन मिलते ही किसानों को चेक वितरित कर दिए जाएंगे।-अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार मवाना
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