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रैपिड ट्रेन: कांवड़ बाद शुरू हो जाएगी मेरठ में मिट्टी की जांच
Updated Wed, 25 Jul 2018 03:08 AM IST
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मेरठ। दिल्ली से मेरठ के बीच प्रस्तावित रैपिड ट्रेन के एलाइनमेंट के लिए मिट्टी की जांच का काम कांवड़ यात्रा के तत्काल बाद शुरू हो जाएगा। इसके लिए एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन कॉरपोरेशन) ने टेंडर जारी किए हैं। इस बाबत मंगलवार को भी एक टीम ने एलाइनमेंट एरिया का भ्रमण किया और सारी स्थिति को परखा।
रैपिड एलाइनमेंट के संशोधित लेआउट को एनसीआरटीसी की स्वीकृति के बाद नए सिरे से अब इस पर कवायद शुरू हो गई है। नए प्लान में अब दिल्ली से मेरठ तक इस ट्रेन के कुल 24 स्टेशन होंगे। इस पूरी प्लानिंग में अब इसकी दूरी और मेरठ से दिल्ली के बीच लगने वाले समय को भी फाइनल रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। चूंकि दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड ट्रेन चलाने की योजना को खुद आला स्तर पर मॉनीटर किया जा रहा है तो इससे रुके तमाम प्रोजेक्ट की अड़चनें दूर करने की कवायद भी तेजी से हो रही है। एनसीआरटीसी की टीम ने मंगलवार को भी मेरठ में एलाइनमेंट को देखा और समीक्षा की।
कांवड़ के दौरान की स्थिति का किया आकलन
इस टीम ने देखा कि दिल्ली रोड पर कांवड़ यात्रा में कितनी भीड़ रहती है। यह रूट कब से बंद होता है और कब से वन वे। चूंकि एनसीआरटीसी ने पहले चरण के लिए मेरठ-दिल्ली मार्ग को चौड़ा करना शुरू कर दिया है। डेढ़ किमी मार्ग पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे में कांवड़ यात्रा के दौरान यह काम भी प्रभावित होगा। हालांकि तब तक इसे और तेजी से करने को कहा गया है।
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मिट्टी की जांच को तैयार
एनसीआरटीसी ने जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क के टेंडर जारी कर दिए हैं। 10 से 17 अगस्त तक ये टेंडर ओपन हो जाएंगे और तत्काल काम शुरू होगा। पहले चरण में मोदीनगर नार्थ से शताब्दीनगर तक मिट्टी की जांच होगी। अगर किलोमीटर में बात करें तो दिल्ली सराय काले खां से शुरू होकर 49.1 किमी बिंदू से यह काम शुरू होगा और 64.1 किमी तक किया जाएगा। इस एलाइनमेंट की कुल दूरी 82 किमी है।
राजनगर एक्सटेंशन में छोड़ा गया रैपिड का रास्ता
राजनगर एक्सटेंशन पर फ्लाईओवर बन रहा है। लेकिन वहां रैपिड का एलाइनमेंट होने के कारण मुख्य चौराहे को छोड़ा गया है। चौराहे की दोनों तरफ से फ्लाईओवर निकाला जा रहा है। चूंकि इसी चौराहे के ठीक ऊपर से रैपिड चलाई जानी है तो यहां उसका एलीवेटिड एलाइनमेंट आएगा। ऐसे में यहां अनूठा प्रयोग किया गया है। बीच में चौराहा और दोनों तरफ फ्लाई ओवर। कार्य पूरा होने पर यह बेहतर तकनीक का नमूना नजर आएगा।
दो चरणों में है काम
मेरठ की तरफ इस ट्रैक पर दो चरणों में काम होगा। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक काम शुरू किया जाएगा। यह चरण पूरी तरह से मेरठ-दिल्ली मार्ग पर है। इसके टेंडर शुरू हो गए हैं। टेक्निकल बिड के सत्यापन के बाद कॉमर्शियल बिड को हरी झंडी मिलेगी। साहिबाबाद से दुहाई तक का ट्रैक लगभग साढे़ 16 किमी का है। इसी चरण पर तेजी से काम करने की मंशा है। दिल्ली रोड के ऊपर एलीवेटिड होकर यही ट्रेन मेरठ तक आनी है।
डिपो की मिट्टी की जांच भी होगी
एक चरण में डिपो तथा स्टेशनों की प्राथमिक जांच हो चुकी है। लेकिन विस्तृत जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क इसके बाद शुरू होगा। यहां पहले 16 स्टेशन थे। छह स्टेशन और बढ़ाए गए हैं। कुल 22 स्टेशन हो गए हैं। मोदीपुरम और दुहाई में डिपो हैं। चूंकि वहां तक तो ट्रेन जाएगी ही। ऐसे में प्रस्ताव रखा गया है कि इन्हें भी स्टेशन बनाया जाए ताकि भविष्य में इनका इस्तेमाल हो जाए। इनका मिट्टी सर्वेक्षण भी अहम है।
कुछ तथ्य
82 किमी की दूरी तय करेगी दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड
55 मिनट लेगी दिल्ली से मेरठ तक पहुंचने में
- अगस्त में भूमि पूजन की तैयारी
ये स्टेशन फाइनल
दिल्ली से लेकर मेरठ तक अब रैपिड के स्टेशन सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कालोनी, डौरली, मेरठ नार्थ और मोदीपुरम पहले ही प्रस्तावित किए गए थे।
मिट्टी की जांच अहम
जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क के टेंडर डाले गए हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। मिट्टी की जांच एक अहम काम है। मेरठ में इसकी शुरुआत अगले माह से होने जा रही है। -सुधीर कुमार शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एनसीआरटीसी
खास बातें:
रैपिड ट्रेन:
- एनसीआरटीसी ने जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क के टेंडर डाले
- इस चरण में मोदीनगर नार्थ से शताब्दीनगर तक होगी मिट्टी की जांच
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रैपिड एलाइनमेंट के संशोधित लेआउट को एनसीआरटीसी की स्वीकृति के बाद नए सिरे से अब इस पर कवायद शुरू हो गई है। नए प्लान में अब दिल्ली से मेरठ तक इस ट्रेन के कुल 24 स्टेशन होंगे। इस पूरी प्लानिंग में अब इसकी दूरी और मेरठ से दिल्ली के बीच लगने वाले समय को भी फाइनल रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। चूंकि दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड ट्रेन चलाने की योजना को खुद आला स्तर पर मॉनीटर किया जा रहा है तो इससे रुके तमाम प्रोजेक्ट की अड़चनें दूर करने की कवायद भी तेजी से हो रही है। एनसीआरटीसी की टीम ने मंगलवार को भी मेरठ में एलाइनमेंट को देखा और समीक्षा की।
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कांवड़ के दौरान की स्थिति का किया आकलन
इस टीम ने देखा कि दिल्ली रोड पर कांवड़ यात्रा में कितनी भीड़ रहती है। यह रूट कब से बंद होता है और कब से वन वे। चूंकि एनसीआरटीसी ने पहले चरण के लिए मेरठ-दिल्ली मार्ग को चौड़ा करना शुरू कर दिया है। डेढ़ किमी मार्ग पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे में कांवड़ यात्रा के दौरान यह काम भी प्रभावित होगा। हालांकि तब तक इसे और तेजी से करने को कहा गया है।
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मिट्टी की जांच को तैयार
एनसीआरटीसी ने जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क के टेंडर जारी कर दिए हैं। 10 से 17 अगस्त तक ये टेंडर ओपन हो जाएंगे और तत्काल काम शुरू होगा। पहले चरण में मोदीनगर नार्थ से शताब्दीनगर तक मिट्टी की जांच होगी। अगर किलोमीटर में बात करें तो दिल्ली सराय काले खां से शुरू होकर 49.1 किमी बिंदू से यह काम शुरू होगा और 64.1 किमी तक किया जाएगा। इस एलाइनमेंट की कुल दूरी 82 किमी है।
राजनगर एक्सटेंशन में छोड़ा गया रैपिड का रास्ता
राजनगर एक्सटेंशन पर फ्लाईओवर बन रहा है। लेकिन वहां रैपिड का एलाइनमेंट होने के कारण मुख्य चौराहे को छोड़ा गया है। चौराहे की दोनों तरफ से फ्लाईओवर निकाला जा रहा है। चूंकि इसी चौराहे के ठीक ऊपर से रैपिड चलाई जानी है तो यहां उसका एलीवेटिड एलाइनमेंट आएगा। ऐसे में यहां अनूठा प्रयोग किया गया है। बीच में चौराहा और दोनों तरफ फ्लाई ओवर। कार्य पूरा होने पर यह बेहतर तकनीक का नमूना नजर आएगा।
दो चरणों में है काम
मेरठ की तरफ इस ट्रैक पर दो चरणों में काम होगा। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक काम शुरू किया जाएगा। यह चरण पूरी तरह से मेरठ-दिल्ली मार्ग पर है। इसके टेंडर शुरू हो गए हैं। टेक्निकल बिड के सत्यापन के बाद कॉमर्शियल बिड को हरी झंडी मिलेगी। साहिबाबाद से दुहाई तक का ट्रैक लगभग साढे़ 16 किमी का है। इसी चरण पर तेजी से काम करने की मंशा है। दिल्ली रोड के ऊपर एलीवेटिड होकर यही ट्रेन मेरठ तक आनी है।
डिपो की मिट्टी की जांच भी होगी
एक चरण में डिपो तथा स्टेशनों की प्राथमिक जांच हो चुकी है। लेकिन विस्तृत जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क इसके बाद शुरू होगा। यहां पहले 16 स्टेशन थे। छह स्टेशन और बढ़ाए गए हैं। कुल 22 स्टेशन हो गए हैं। मोदीपुरम और दुहाई में डिपो हैं। चूंकि वहां तक तो ट्रेन जाएगी ही। ऐसे में प्रस्ताव रखा गया है कि इन्हें भी स्टेशन बनाया जाए ताकि भविष्य में इनका इस्तेमाल हो जाए। इनका मिट्टी सर्वेक्षण भी अहम है।
कुछ तथ्य
82 किमी की दूरी तय करेगी दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड
55 मिनट लेगी दिल्ली से मेरठ तक पहुंचने में
- अगस्त में भूमि पूजन की तैयारी
ये स्टेशन फाइनल
दिल्ली से लेकर मेरठ तक अब रैपिड के स्टेशन सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कालोनी, डौरली, मेरठ नार्थ और मोदीपुरम पहले ही प्रस्तावित किए गए थे।
मिट्टी की जांच अहम
जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क के टेंडर डाले गए हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। मिट्टी की जांच एक अहम काम है। मेरठ में इसकी शुरुआत अगले माह से होने जा रही है। -सुधीर कुमार शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एनसीआरटीसी
खास बातें:
रैपिड ट्रेन:
- एनसीआरटीसी ने जियो टेक्निकल इनवेस्टीगेशन वर्क के टेंडर डाले
- इस चरण में मोदीनगर नार्थ से शताब्दीनगर तक होगी मिट्टी की जांच