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भागवत कथा में कृष्ण की बाललिलाओं का वर्णन किया
Updated Mon, 11 Jun 2018 02:39 AM IST
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श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
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मोदीपुरम/गंगानगर। डिवाइडर रोड स्थित चिराग प्लाजा में चल रही श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा में कथवाचक ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। रविवार को पांचवें दिन कथा वाचक पंडित चरण दत्त कात्यान ने कहा कि नटखट कृष्ण की बाल सखाओं, मटकी से मक्खन चुराना, मटकी तोड़ने, ग्वालों के साथ खेलना, राक्षसों के वध को दर्शाया गया। गोवर्धन पर्वत को एक उंगली पर उठाने की बात का जिक्र किया। वहीं रूकमणि विवाह का वर्णन किया। भगवान को छप्पन भोग लगाया गया। भक्तों को बताया कि परमात्मा के दर्शन में व्यक्ति का अहंकार बाधक है। उमानंद शर्मा, करुणा शर्मा, पंकज शर्मा, लोकेश, हर्षिता शर्मा, राजीव शर्मा, विजय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, मोदीपुरम की शिवनगर कालोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा व्यास गंगोत्री तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि विद्वेष छल कपट को बढ़ाता है, पुण्य क्षीण हो जाते हैं। तब पृथ्वी अन्न उगलना बंद कर देती है और विनाश होने लगता है। श्री कृष्ण कहते है कि जब पृथ्वी पाप के भार से त्रस्त होगी तब में अवतार लेकर आऊंगा। भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण के भजनों पर नृत्य किया। मुख्य यजमान जयकरण शर्मा, संजीव बालियान, बबीता बालियान, संदीप शर्मा, विनीत, प्रदीप, बीना तिवारी, आनंद तिवारी, नीशू, मंजू, नीटू, दीपक भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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मोदीपुरम/गंगानगर। डिवाइडर रोड स्थित चिराग प्लाजा में चल रही श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा में कथवाचक ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। रविवार को पांचवें दिन कथा वाचक पंडित चरण दत्त कात्यान ने कहा कि नटखट कृष्ण की बाल सखाओं, मटकी से मक्खन चुराना, मटकी तोड़ने, ग्वालों के साथ खेलना, राक्षसों के वध को दर्शाया गया। गोवर्धन पर्वत को एक उंगली पर उठाने की बात का जिक्र किया। वहीं रूकमणि विवाह का वर्णन किया। भगवान को छप्पन भोग लगाया गया। भक्तों को बताया कि परमात्मा के दर्शन में व्यक्ति का अहंकार बाधक है। उमानंद शर्मा, करुणा शर्मा, पंकज शर्मा, लोकेश, हर्षिता शर्मा, राजीव शर्मा, विजय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, मोदीपुरम की शिवनगर कालोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा व्यास गंगोत्री तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि विद्वेष छल कपट को बढ़ाता है, पुण्य क्षीण हो जाते हैं। तब पृथ्वी अन्न उगलना बंद कर देती है और विनाश होने लगता है। श्री कृष्ण कहते है कि जब पृथ्वी पाप के भार से त्रस्त होगी तब में अवतार लेकर आऊंगा। भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण के भजनों पर नृत्य किया। मुख्य यजमान जयकरण शर्मा, संजीव बालियान, बबीता बालियान, संदीप शर्मा, विनीत, प्रदीप, बीना तिवारी, आनंद तिवारी, नीशू, मंजू, नीटू, दीपक भारद्वाज आदि मौजूद रहे।