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भाजपाई ही लगे भाजपाइयों को घेरने में
Updated Sat, 31 Mar 2018 02:15 AM IST
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भाजपाई ही लगे भाजपाइयों को घेरने में
मेरठ। भाजपा में इस समय जमकर घमासान मचा है। स्थानीय स्तर पर जो स्थिति है, उसमें विपक्षी दल तो सिर्फ तमाशबीन बने हैं। क्योंकि भाजपाई ही आपस में भिड़कर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसके पीछे हर किसी को आगे बढ़ने से रोकने की कवायद कहीं न कहीं साफ नजर आ रही है।
भाजपा में अनुशासनहीनता और आपसी गुटबाजी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। इस समय भाजपाइयों के खिलाफ जो बयानबाजी हो रही है, उसके पीछे कहीं न कहीं भाजपाइयों का ही हाथ नजर आ रहा है। पिछले दिनों सांसद राजेंद्र अग्रवाल का राष्ट्रोदय कार्यक्रम के दौरान सोते हुए फोटो वायरल किया गया। इस फोटो को वायरल करने वाले भी भाजपाई थे और उस पर टिप्पणी करने वाले भी अधिकांश भाजपाई ही थे। इसके बाद सांसद खेमे की तरफ से जो कार्रवाई की गई, उससे गुटबाजी को और बढ़ावा मिल गया। इस सबके पीछे कहीं न कहीं सांसद राजेंद्र अग्रवाल की 2019 के लोकसभा चुनाव में दावेदारी समाप्त करने की कोशिश मानी जा रही है।
सरधना विधायक ठा. संगीत सोम प्रदेश के संभावित मंत्री मंडल विस्तार के तहत मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। ऐसे में उन्हें मंत्री मंडल से रोकने के लिए उनके खिलाफ भी अचानक बयानबाजी और आरोपों का दौर शुरू हो गया है। ऐसा ही दक्षिण विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर के खिलाफ भी हो रहा है। क्योंकि गुर्जर कोटे से सोमेंद्र तोमर भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी काफी समय से किसी महत्वपूर्ण पद पर नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व भी लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें सक्रिय करने की कवायद में है। ऐसे में जहां पहले उनके राज्यसभा में जाने की चर्चा थी, तो अब एमएलसी की दौड़ में उनका नाम प्रमुखता से आ रहा है। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खिलाफ भी इसी मौके पर बयानबाजी कहीं न कहीं उनके विरोधी खेमे की रणनीति को उजागर कर रही है।
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संगठन में भी मची है खींचतान
संगठन में भी ऐसा ही चल रहा है। महानगर महामंत्री कमल दत्त शर्मा का प्रकरण कानूनी तौर पर निपट चुका है। लेकिन पार्टी के लोग अभी भी उसे अक्सर उठाकर कमलदत्त शर्मा को निष्क्रिय करने में जुटे हैं। महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग के खिलाफ भी कुछ लोगों ने अप्रत्यक्ष मोर्चा खोला हुआ है। ऐसा ही जिले में भी चल रहा है। यहां भी शिकायतों के दौर में गुटबाजी साफ नजर आती है।
खास बातें:
संगीत सोम और सोमेंद्र तोमर को मंत्री मंडल की दौड़ में पीछे करने की कोशिश
राजेंद्र अग्रवाल को तीसरी बार लोकसभा की दावेदारी से रोकने के लिए घेराबंदी
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मेरठ। भाजपा में इस समय जमकर घमासान मचा है। स्थानीय स्तर पर जो स्थिति है, उसमें विपक्षी दल तो सिर्फ तमाशबीन बने हैं। क्योंकि भाजपाई ही आपस में भिड़कर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसके पीछे हर किसी को आगे बढ़ने से रोकने की कवायद कहीं न कहीं साफ नजर आ रही है।
भाजपा में अनुशासनहीनता और आपसी गुटबाजी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। इस समय भाजपाइयों के खिलाफ जो बयानबाजी हो रही है, उसके पीछे कहीं न कहीं भाजपाइयों का ही हाथ नजर आ रहा है। पिछले दिनों सांसद राजेंद्र अग्रवाल का राष्ट्रोदय कार्यक्रम के दौरान सोते हुए फोटो वायरल किया गया। इस फोटो को वायरल करने वाले भी भाजपाई थे और उस पर टिप्पणी करने वाले भी अधिकांश भाजपाई ही थे। इसके बाद सांसद खेमे की तरफ से जो कार्रवाई की गई, उससे गुटबाजी को और बढ़ावा मिल गया। इस सबके पीछे कहीं न कहीं सांसद राजेंद्र अग्रवाल की 2019 के लोकसभा चुनाव में दावेदारी समाप्त करने की कोशिश मानी जा रही है।
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सरधना विधायक ठा. संगीत सोम प्रदेश के संभावित मंत्री मंडल विस्तार के तहत मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। ऐसे में उन्हें मंत्री मंडल से रोकने के लिए उनके खिलाफ भी अचानक बयानबाजी और आरोपों का दौर शुरू हो गया है। ऐसा ही दक्षिण विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर के खिलाफ भी हो रहा है। क्योंकि गुर्जर कोटे से सोमेंद्र तोमर भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी काफी समय से किसी महत्वपूर्ण पद पर नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व भी लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें सक्रिय करने की कवायद में है। ऐसे में जहां पहले उनके राज्यसभा में जाने की चर्चा थी, तो अब एमएलसी की दौड़ में उनका नाम प्रमुखता से आ रहा है। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खिलाफ भी इसी मौके पर बयानबाजी कहीं न कहीं उनके विरोधी खेमे की रणनीति को उजागर कर रही है।
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संगठन में भी मची है खींचतान
संगठन में भी ऐसा ही चल रहा है। महानगर महामंत्री कमल दत्त शर्मा का प्रकरण कानूनी तौर पर निपट चुका है। लेकिन पार्टी के लोग अभी भी उसे अक्सर उठाकर कमलदत्त शर्मा को निष्क्रिय करने में जुटे हैं। महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग के खिलाफ भी कुछ लोगों ने अप्रत्यक्ष मोर्चा खोला हुआ है। ऐसा ही जिले में भी चल रहा है। यहां भी शिकायतों के दौर में गुटबाजी साफ नजर आती है।
खास बातें:
संगीत सोम और सोमेंद्र तोमर को मंत्री मंडल की दौड़ में पीछे करने की कोशिश
राजेंद्र अग्रवाल को तीसरी बार लोकसभा की दावेदारी से रोकने के लिए घेराबंदी