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इलाज के लिए फिर मेरठ आया सुरेंद्र कोली -Cordination
Updated Sun, 31 Dec 2017 01:13 AM IST
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इलाज के लिए फिर मेरठ पहुंचा सुरेंद्र कोली
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निठारी कांड का आरोपी है कोली, कोर्ट ने दिए थे इलाज कराने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद/मेरठ। निठारी कांड के नौ केसों में फांसी की सजा पा चुके अभियुक्त सुरेंद्र कोली को डासना जेल से शनिवार को इलाज के लिए मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में लाया गया। लेकिन न्यूरो फिजिशियन न होने के कारण बिना इलाज के ही कोली को वापस गाजियाबाद रवाना कर दिया गया। इससे पहले भी 20 दिसंबर को कोली को मेरठ ले जाया गया था।
अभियुक्त सुरेंद्र कोली ने पिछली कई तारीखों पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत में अर्जी देकर शिकायत की थी कि जेल अस्पताल में उसका उचित इलाज नहीं किया जा रहा है। उसने अदालत में कहा था कि उसके दोनों हाथों और छाती में दर्द रहता है। कोली की अर्जियां मिलने के बाद कोर्ट ने जेल अधीक्षक व जेल सीएमओ का आदेश दिया था कि जेल के नियमानुसार सुरेंद्र कोली का उचित इलाज कराए जाए, जिसके बाद 20 दिसंबर को उसे मेरठ के मेडिकल कालेज में ले जाया गया। मेरठ में विशेषज्ञ डॉक्टर ने कोली का इलाज किया है। शनिवार को फिर से कोली को मेडिकल कालेज अस्पताल लाया गया।
कोली ने इस बार हाथ में दर्द की शिकायत की थी, कोली का कहना है कि अक्तूबर 2006 में उसके हाथ में पैरेलाइसिस हो गया था। लेकिन जेल प्रशासन उसका इलाज नहीं करा रहा है। इसी के चलते उसे न्यूरो फिजिशियन से चेकअप कराने के लिए मेरठ लाया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरोफिजिशियन नहीं है, इसलिए कोली का चेकअप नहीं हो पाया।
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निठारी कांड का आरोपी है कोली, कोर्ट ने दिए थे इलाज कराने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद/मेरठ। निठारी कांड के नौ केसों में फांसी की सजा पा चुके अभियुक्त सुरेंद्र कोली को डासना जेल से शनिवार को इलाज के लिए मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में लाया गया। लेकिन न्यूरो फिजिशियन न होने के कारण बिना इलाज के ही कोली को वापस गाजियाबाद रवाना कर दिया गया। इससे पहले भी 20 दिसंबर को कोली को मेरठ ले जाया गया था।
अभियुक्त सुरेंद्र कोली ने पिछली कई तारीखों पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत में अर्जी देकर शिकायत की थी कि जेल अस्पताल में उसका उचित इलाज नहीं किया जा रहा है। उसने अदालत में कहा था कि उसके दोनों हाथों और छाती में दर्द रहता है। कोली की अर्जियां मिलने के बाद कोर्ट ने जेल अधीक्षक व जेल सीएमओ का आदेश दिया था कि जेल के नियमानुसार सुरेंद्र कोली का उचित इलाज कराए जाए, जिसके बाद 20 दिसंबर को उसे मेरठ के मेडिकल कालेज में ले जाया गया। मेरठ में विशेषज्ञ डॉक्टर ने कोली का इलाज किया है। शनिवार को फिर से कोली को मेडिकल कालेज अस्पताल लाया गया।
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कोली ने इस बार हाथ में दर्द की शिकायत की थी, कोली का कहना है कि अक्तूबर 2006 में उसके हाथ में पैरेलाइसिस हो गया था। लेकिन जेल प्रशासन उसका इलाज नहीं करा रहा है। इसी के चलते उसे न्यूरो फिजिशियन से चेकअप कराने के लिए मेरठ लाया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरोफिजिशियन नहीं है, इसलिए कोली का चेकअप नहीं हो पाया।
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