{"_id":"5a021b2c4f1c1bce408b54d1","slug":"111510087468-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड: मेरिट में आने वाले स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्ड: मेरिट में आने वाले स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र
Updated Wed, 08 Nov 2017 02:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। यूपी बोर्ड में इस बार उन्हीं स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जो यूपी बोर्ड की मेरिट में आएंगे। इसके लिए सुविधाओं के हिसाब से अंक मिलेंगे। मेरठ के दो सौ से ज्यादा स्कूलों का डाटा अपलोड कर दिया गया है। इनकी मेरिट बनाई जाएगी, उसके आधार पर परीक्षा केंद्रों का चयन किया जाएगा।
मेरिट बनाने के लिए सुविधाओं के हिसाब से अंक दिए जाएंगे। कंप्यूटर सिस्टम के 10 अंक, बाउंड्रीवाल के लिए 15 अंक, पेयजल और शौचालय केलिए 10, प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी के लिए 20, लोहे की अलमारी के लिए पांच, अग्निशमन उपकरण के लिए 10, संपर्क मार्ग से जुड़ा होने के 15, स्थाई विद्युत व्यवस्था के लिए 10 अंक और जेनरेटर केलिए पांच अंकों की व्यवस्था है। सूत्रों का कहना है कि मेरठ में आधे स्कूलों का भी इन मानकों पर खरा उतरना मुश्किल है। दरअसल, यहां अधिकांश स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगे हैं। मेरठ में माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 404 स्कूल हैं, इनमें से 11 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें मान्यता मिले हुए एक या दो साल हुए हैं। लिहाजा इन स्कूलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। जिन विद्यालयों को मान्यता मिले हुए पांच साल या उससे ज्यादा हो चुके हैं, उन्हें ही इस दायरे में रखा गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए पहली बार केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जाना है। परीक्षा केंद्रों के लिए अधिकांश स्कूलों का डाटा अपलोड करा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरिट बनाने के लिए सुविधाओं के हिसाब से अंक दिए जाएंगे। कंप्यूटर सिस्टम के 10 अंक, बाउंड्रीवाल के लिए 15 अंक, पेयजल और शौचालय केलिए 10, प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी के लिए 20, लोहे की अलमारी के लिए पांच, अग्निशमन उपकरण के लिए 10, संपर्क मार्ग से जुड़ा होने के 15, स्थाई विद्युत व्यवस्था के लिए 10 अंक और जेनरेटर केलिए पांच अंकों की व्यवस्था है। सूत्रों का कहना है कि मेरठ में आधे स्कूलों का भी इन मानकों पर खरा उतरना मुश्किल है। दरअसल, यहां अधिकांश स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगे हैं। मेरठ में माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 404 स्कूल हैं, इनमें से 11 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें मान्यता मिले हुए एक या दो साल हुए हैं। लिहाजा इन स्कूलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। जिन विद्यालयों को मान्यता मिले हुए पांच साल या उससे ज्यादा हो चुके हैं, उन्हें ही इस दायरे में रखा गया है।
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए पहली बार केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जाना है। परीक्षा केंद्रों के लिए अधिकांश स्कूलों का डाटा अपलोड करा दिया गया है।
विज्ञापन