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लेफ्टिनेंट कर्नल ने पांच साल की बच्ची को बचाया
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लेफ्टिनेंट कर्नल ने पांच साल की बच्ची को बचाया
- कैंट क्षेत्र का मामला, बच्ची खुद लालकुर्ती थाने में पहुंचाई
- स्कूल स्टाफ और परिजनों को बुलाया, अनहोनी होने से बचाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कैंट क्षेत्र में स्कूल ड्रेस में भटकती पांच साल की बच्ची को जबरन एक युवक बाइक पर ले जाते देखा तो महिला लेफ्टिनेंट कर्नल का दिल पसीज गया। अनहोनी का अंदेशा होने पर उन्होंने बच्ची को बाइक से उतरवाकर अपनी गाड़ी में बैठाया और लालकुर्ती थाने लेकर पहुंच गईं। पुलिस की सूचना पर करीब एक घंटे बाद स्कूल स्टाफ और बच्ची के परिजन थाने पहुंचे। जिसके बाद बच्ची को उनके सुपुर्द किया गया।
मामला लालकुर्ती थानाक्षेत्र का है। कैंट क्षेत्र के एक पब्लिक स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली एक बच्ची बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल ड्रेस में भटक गई थी। स्कूल से कुछ दूर लोगोें की भीड़ लगी थी और सभी बच्ची से जानकारी ले रहे थे। 9-डिव में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल मोनिषा एसआरएस वहां से गाड़ी से निकल रही थीं। लेफ्टिनेंट कर्नल ने वहां भीड़ लगी देखकर गाड़ी रुकवाई। तभी एक युवक बच्ची को जबरन बाइक पर ले जाने लगा। मोनिषा ने अपने सहायक माधव रेड्डी से बाइक सवार युवक को रुकवाया। महिला अधिकारी को वर्दी में देखकर बाइक सवार युवक घबरा गया और बच्ची को जबरन ले जाने के मामले में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। जिसके बाद मोनिषा ने बच्ची को वहां छोड़ना उचित नहीं समझा और बच्ची को लेकर लालकुर्ती थाने पहुंच गईं।
परिजनों को बुलाओ, तब जाऊंगी
मोनिषा लालकुर्ती थाने में करीब 45 मिनट बच्ची के साथ मौजूद रहीं। महिला अधिकारी को देखकर थाने में भी अफरातफरी मची रही। इंस्पेक्टर लालकुर्ती रोजंत त्यागी वहां पर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने वायरलेस सेट पर सूचना फ्लैश कराई। करीब एक घंटे बाद स्कूल का स्टाफ और बच्ची के माता-पिता थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर लालकुर्ती का कहना कि बच्ची को सुपुर्दगी में दिया गया है।
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डरी हुई थी बच्ची, बोली नहीं
बच्ची बहुत डरी हुई थी। वह अपने घर का पता नहीं बता पायी। लेफ्टिनेंट कर्नल और पुलिस ने स्कूल बैग भी देखा, ताकि कोई पता या मोबाइल नंबर की जानकारी मिल जाए। लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। लेफ्टिनेंट कर्नल ने कहा कि बच्चियों के साथ घटनाएं हो रही हैं। पुलिस ठीक से जांच करे।
घटना होने बचाई, पुलिस ने किया सेल्यूट
इंस्पेक्टर लालकुर्ती ने बताया कि महिला सैन्य अधिकारी ने बड़ी घटना होने से बचा ली। छोटी बच्ची के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। लेफ्टिनेंट कर्नल ने मां जैसा व्यवहार किया। थाने के पुलिसकर्मियों ने इस बेहतर कार्य से प्रभावित होकर महिला सैन्य अधिकारी को सेल्यूट किया। वहीं, इंस्पेक्टर लालकुर्ती ने स्कूल स्टाफ से लिखित में जवाब मांगा। स्कूल के स्टाफ को जमकर फटकारा भी। पूछा कि बच्ची को किसको सौंपा था।
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- कैंट क्षेत्र का मामला, बच्ची खुद लालकुर्ती थाने में पहुंचाई
- स्कूल स्टाफ और परिजनों को बुलाया, अनहोनी होने से बचाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कैंट क्षेत्र में स्कूल ड्रेस में भटकती पांच साल की बच्ची को जबरन एक युवक बाइक पर ले जाते देखा तो महिला लेफ्टिनेंट कर्नल का दिल पसीज गया। अनहोनी का अंदेशा होने पर उन्होंने बच्ची को बाइक से उतरवाकर अपनी गाड़ी में बैठाया और लालकुर्ती थाने लेकर पहुंच गईं। पुलिस की सूचना पर करीब एक घंटे बाद स्कूल स्टाफ और बच्ची के परिजन थाने पहुंचे। जिसके बाद बच्ची को उनके सुपुर्द किया गया।
मामला लालकुर्ती थानाक्षेत्र का है। कैंट क्षेत्र के एक पब्लिक स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली एक बच्ची बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल ड्रेस में भटक गई थी। स्कूल से कुछ दूर लोगोें की भीड़ लगी थी और सभी बच्ची से जानकारी ले रहे थे। 9-डिव में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल मोनिषा एसआरएस वहां से गाड़ी से निकल रही थीं। लेफ्टिनेंट कर्नल ने वहां भीड़ लगी देखकर गाड़ी रुकवाई। तभी एक युवक बच्ची को जबरन बाइक पर ले जाने लगा। मोनिषा ने अपने सहायक माधव रेड्डी से बाइक सवार युवक को रुकवाया। महिला अधिकारी को वर्दी में देखकर बाइक सवार युवक घबरा गया और बच्ची को जबरन ले जाने के मामले में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। जिसके बाद मोनिषा ने बच्ची को वहां छोड़ना उचित नहीं समझा और बच्ची को लेकर लालकुर्ती थाने पहुंच गईं।
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परिजनों को बुलाओ, तब जाऊंगी
मोनिषा लालकुर्ती थाने में करीब 45 मिनट बच्ची के साथ मौजूद रहीं। महिला अधिकारी को देखकर थाने में भी अफरातफरी मची रही। इंस्पेक्टर लालकुर्ती रोजंत त्यागी वहां पर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने वायरलेस सेट पर सूचना फ्लैश कराई। करीब एक घंटे बाद स्कूल का स्टाफ और बच्ची के माता-पिता थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर लालकुर्ती का कहना कि बच्ची को सुपुर्दगी में दिया गया है।
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डरी हुई थी बच्ची, बोली नहीं
बच्ची बहुत डरी हुई थी। वह अपने घर का पता नहीं बता पायी। लेफ्टिनेंट कर्नल और पुलिस ने स्कूल बैग भी देखा, ताकि कोई पता या मोबाइल नंबर की जानकारी मिल जाए। लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। लेफ्टिनेंट कर्नल ने कहा कि बच्चियों के साथ घटनाएं हो रही हैं। पुलिस ठीक से जांच करे।
घटना होने बचाई, पुलिस ने किया सेल्यूट
इंस्पेक्टर लालकुर्ती ने बताया कि महिला सैन्य अधिकारी ने बड़ी घटना होने से बचा ली। छोटी बच्ची के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। लेफ्टिनेंट कर्नल ने मां जैसा व्यवहार किया। थाने के पुलिसकर्मियों ने इस बेहतर कार्य से प्रभावित होकर महिला सैन्य अधिकारी को सेल्यूट किया। वहीं, इंस्पेक्टर लालकुर्ती ने स्कूल स्टाफ से लिखित में जवाब मांगा। स्कूल के स्टाफ को जमकर फटकारा भी। पूछा कि बच्ची को किसको सौंपा था।