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पति ने मोबाइल फोन पर दे दिया तीन तलाक
Updated Fri, 21 Sep 2018 01:24 AM IST
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बागपत। खेकड़ा पुलिस तीन तलाक के मामले में ससुराल वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। तीन तलाक पीड़ित महिला अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं। आरोप है कि सीओ खेकड़ा ने महिला से अभद्रता की और दूसरा निकाह करने की सलाह देकर थाने से भगा दिया। पीड़ित महिला ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर ससुराल वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह कर लेगी।
गाजियाबाद के थाना मुरादनगर के गांव भिक्कनपुर निवासी रुकसार पुत्री शौकीन अली ने कलक्ट्रेट में डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका निकाह 2013 में खेकड़ा कस्बे के ताहिर के साथ हुआ। शादी के बाद दहेज को लेकर ससुराल वाले उसे परेशान करने लगे। ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी। उसने दहेज लाने से मना किया तो उसके साथ मारपीट करने लगे। ससुराल वाले महिला की हत्या का प्रयास भी कर चुके हैं, जिनके खिलाफ हत्या के प्रयास व दहेज उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा का मुकदमा भी दर्ज है और न्यायालय में विचाराधीन है। अब वह अपने मायके में रह रही है।
कुछ दिन पूर्व पति ने उसके साथ मोबाइल फोन पर गाली गलौच की और तीन तलाक दे दिया। महिला ने तलाक को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद पति ने दूसरा निकाह कर लिया। आरोप है कि इस मामले की शिकायत करने पर सीओ खेकड़ा ने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया और दूसरा निकाह करने की सलाह देकर भगा दिया। इससे आहत पीड़ित ने डीएम से मामले में कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं की तो वह आत्मदाह कर लेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस को होगी।
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तीन तलाक पीड़ितों के प्रति गंभीर नहीं पुलिस
बागपत। केंद्र सरकार तीन तलाक के मामले को लेकर गंभीर है। सरकार ने तीन तलाक के मामले में हाल ही में नया अध्यादेश जारी किया है कि तीन तलाक देने पर पति को तीन साल की सजा भुगतनी होगी, लेकिन पुलिस इस अध्यादेश का पालन नहीं करा पा रही है। तीन तलाक पीड़ित महिलाएं न्याय के पुलिस अफसरों के चक्कर काट रही है। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। इस संबंध में एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि तीन तलाक पीड़ित महिलाओं के प्रति पुलिस गंभीर है। यदि पीड़ित महिलाओं से कोई पुलिस अधिकारी गलत व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद के थाना मुरादनगर के गांव भिक्कनपुर निवासी रुकसार पुत्री शौकीन अली ने कलक्ट्रेट में डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका निकाह 2013 में खेकड़ा कस्बे के ताहिर के साथ हुआ। शादी के बाद दहेज को लेकर ससुराल वाले उसे परेशान करने लगे। ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी। उसने दहेज लाने से मना किया तो उसके साथ मारपीट करने लगे। ससुराल वाले महिला की हत्या का प्रयास भी कर चुके हैं, जिनके खिलाफ हत्या के प्रयास व दहेज उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा का मुकदमा भी दर्ज है और न्यायालय में विचाराधीन है। अब वह अपने मायके में रह रही है।
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कुछ दिन पूर्व पति ने उसके साथ मोबाइल फोन पर गाली गलौच की और तीन तलाक दे दिया। महिला ने तलाक को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद पति ने दूसरा निकाह कर लिया। आरोप है कि इस मामले की शिकायत करने पर सीओ खेकड़ा ने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया और दूसरा निकाह करने की सलाह देकर भगा दिया। इससे आहत पीड़ित ने डीएम से मामले में कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं की तो वह आत्मदाह कर लेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस को होगी।
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तीन तलाक पीड़ितों के प्रति गंभीर नहीं पुलिस
बागपत। केंद्र सरकार तीन तलाक के मामले को लेकर गंभीर है। सरकार ने तीन तलाक के मामले में हाल ही में नया अध्यादेश जारी किया है कि तीन तलाक देने पर पति को तीन साल की सजा भुगतनी होगी, लेकिन पुलिस इस अध्यादेश का पालन नहीं करा पा रही है। तीन तलाक पीड़ित महिलाएं न्याय के पुलिस अफसरों के चक्कर काट रही है। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। इस संबंध में एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि तीन तलाक पीड़ित महिलाओं के प्रति पुलिस गंभीर है। यदि पीड़ित महिलाओं से कोई पुलिस अधिकारी गलत व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।