फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   स्टिंग ऑपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे मुखबिर

स्टिंग ऑपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे मुखबिर

Mon, 17 Jul 2017 02:59 AM IST
Updated Mon, 17 Jul 2017 02:59 AM IST
विज्ञापन
स्टिंग ऑपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे मुखबिर
बिना मुखबिर कैसे हो स्टिंग
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण हत्या रोकने के मकसद से किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन के लिए मुखबिर नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन, एक जुलाई से लागू हो चुकी शासन की ‘मुखबिर योजना’ मेरठ में परवान नहीं चढ़ पा रही है।
इस योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण जांच और भ्रूण हत्या करने वालों की जानकारी जुटाने के लिए मुखबिरों की जरूरत है। इस तरह केलोगों को पकड़वाने के लिए किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करेगा। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर को ढूंढने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। जो महिला सेंटर में जाएगी, उसे एक लाख रुपये और जो महिला के साथ सहयोगी बनकर जाएगा या जाएगी उसे 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
विज्ञापन

हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर शुरू की गई यह योजना एक जुलाई से पूरे प्रदेश में शुरू हो चुकी है। जो भी इसमें पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। मेरठ में भी इसे अमली जामा पहनाने की कवायद की गई, मगर मुखबिर न मिलने के कारण यह योजना ठंडे बस्ते में ही पड़ी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार का कहना है कि कांवड़ यात्रा के बाद मुखबिर योजना पर फिर से काम किया जाएगा। मुखबिरों की तलाश की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

खास बात
स्टिंग ऑपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे मुखबिर
भ्रूण हत्या रोकने के लिए एक जुलाई से शुरू की गई थी योजना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed