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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut Municipal Corporation: Salary of 400 employees stuck... Said - Will go on strike on Holi

मेरठ नगर निगम: 400 कर्मचारियों का वेतन अटका... बोले- होली पर करेंगे हड़ताल, गंदगी और कूड़े से भर जाएगा शहर

Fri, 28 Feb 2025 11:51 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 28 Feb 2025 11:51 PM IST
सार

ये 400 कर्मचारी बीवीजी कंपनी के अंतर्गत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम करते हैं। कंपनी को निलंबित कर दिया गया है, जिस कारण इनका वेतन नहीं मिल पा रहा है। महापौर ने शनिवार तक समस्या का समाधान कराने की बात कही है। 

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Meerut Municipal Corporation: Salary of 400 employees stuck... Said - Will go on strike on Holi
नगर निगम दफ्तर, मेरठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली बीवीजी कंपनी के निलंबित होने के बाद कर्मचारियों का भुगतान फिर से अटक गया है। कर्मचारी होली के त्योहार पर हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। इसका इनपुट मिलने पर नगर निगम के अधिकारी परेशान हैं। 
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इस संबंध में महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने अपने कैंप कार्यालय सूरजकुंड पर बैठक बुलाई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। भुगतान को लेकर वित्तीय अनियमितता होने को लेकर निगम अफसरों में तकरार है। बताया कि शुक्रवार को निलंबित बीवीजी कंपनी ने ही 400 कर्मचारियों का भुगतान कराने का प्रस्ताव नगर निगम ने भेजा है।
 
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महापौर ने कैंप कार्यालय पर नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, वरिष्ठ प्रभारी स्वास्थ्य अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह, अधिशासी अभियंता निर्माण अमित शर्मा के साथ बैठक की। इसमें डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली बीवीजी कंपनी के निलंबन के दो माह बाद भी कर्मचारियों का भुगतान न होने का मामला उठा। 
 
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नगर निगम द्वारा बीवीजी कंपनी के कर्मचारियों से ही महानगर में रोजाना कूड़ा कलेक्शन करने का काम कराया जा रहा है। भुगतान न मिलने पर कर्मचारी हड़ताल करने की तैयारी कर रहे हैं। कई बार कर्मचारियों ने वेतन न मिलने की शिकायत नगर आयुक्त से की, इसके बावजूद वेतन नहीं मिला। 
 

कर्मचारियों के आक्रोश और हड़ताल का अंदेशा देखते हुए महापौर ने 15 दिन पहले भी नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की थी, लेकिन अधिकारी गंभीर नहीं हुए। अब बैठक में मुख्य नगर लेखा परीक्षक अमित भार्गव से भी विधिक राय ली। महापौर ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। भुगतान बीवीजी कंपनी से कराएं या नगर निगम खुद करे। वह शासन को भी इस संबंध में पत्र लिखेंगे। महापौर ने शनिवार तक रिपोर्ट मांगी है।
 

भुगतान पर रार क्यों
निलंबन के बाद नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की। दो महीने बाद भी कमेटी उक्त कंपनी के कार्यों के मूल्यांकन की रिपोर्ट नहीं दे सकी। कंपनी के पास कर्मचारियों के खाता संख्या, फंड और मेडिकल इंश्योरेंस आदि के यूआरएन नंबर हैं। कंपनी निलंबित है, जिसके चलते उसके माध्यम से भुगतान करना संभव नहीं है। 
 

100 कर्मचारियों का वेतन दिया
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने में बीवीजी कंपनी के पास करीब 500 कर्मचारी थे। सात जनवरी को नगर आयुक्त ने कंपनी को निलंबित कियाद। कंपनी के 400 कर्मचारियों से ही निगम कूड़ा कलेक्शन करा रहा है, जबकि 100 कर्मचारियों को निगम ने नहीं लगाया था। कंपनी ने शुक्रवार को 100 कर्मचारियों का वेतन उनके बैंक खाते में भेज दिया।
 

ये बोले मेयर
कर्मचारियों का वेतन समय पर मिलना चाहिए। इसे लेकर निगम में अधिकारियों के बीच तकरार बनी हुई है। दो महीने से कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं, जिनका वेतन दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। नियमावली के अंतर्गत ही भुगतान कराया जाएगा। शनिवार को समस्या का समाधान हो जाएगा।
- हरिकांत अहलूवालिया, महापौर

 
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