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बजट में महंगाई पर लगाम की व्यवस्था न होने से महिला रही नाखुश
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मऊ। सोमवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर महिलाओं में रोष दिखा। बोली सरकार ने बजट में रसोई घर के सामानों पर बढ़ते दाम को लेकर काई लगाम नहीं लगाई। ना ही गैस सब्सिडी को लेकर कोई व्यवस्था किया गया। इस तरह से बजट को लेकर महिलाओं की मिली जुली प्रतिक्रिया थी।
शिक्षिका रेखा सिंह ने कहा कि इस बार कामकाजी महिलाओं को टैक्स तथा रोजगार के मोर्चे पर काफी उम्मीदें थी। लेकिन आयकर स्लैब में बदलाव न होने और सामानों की किमतों में लगाम न लगने से थोड़ी निराशा मिली। लेकिन शिक्षा को लेकर वित्तमंत्री ने पिटारा खोला जो कि सकारात्मक है।
गृहणी अनुपमा चौहान ने बताया कि बेहतर आर्थिक ग्रोथ के लिए बजट में महिला स्वास्थ्य और सुरक्षा पर हो फोकस करते हुए बजट है। जो कामकाजी महिलाओं के साथ गृहणी महिलाओं के लिए हितकर है। लेकिन महिलाओं की पहचान रसोई पर सरकार ने बजट पर कोई फोकस नहीं किया।
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सुषमा सिहं ने बताया महिलाओं के सशक्तीकरण पर फोकस करते हुए उनके लिए हर प्लेटफार्म पर काम करने और उनकी सुरक्षा पर पूरा ध्यान देने वाला बजट है। इस लिहाज से तो महिलाओं के लिए बजट हितकर है, लेकिन महिलाएं परिवार से संपूर्ण होती है, ऐसे में पूरे परिवार का हित महंगाई पर लगाम से है। जो इस बजट में नही दिखा।
वहीं अर्चना सिंह ने कहा कि रियायती दर पर घर देना सरकार की एक अच्छी पहल है। इसके साथ डेढ लाख रुपये तक के होम लोन को ब्याज मुक्त रखने की स्कीम सरकार द्वारा उठाया गया एक सकारात्मक कदम है। लेकिन मकान बनवाने के लिए कौन व्यक्ति डेढ लाख रुपये का लोन लेता है।
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शिक्षिका रेखा सिंह ने कहा कि इस बार कामकाजी महिलाओं को टैक्स तथा रोजगार के मोर्चे पर काफी उम्मीदें थी। लेकिन आयकर स्लैब में बदलाव न होने और सामानों की किमतों में लगाम न लगने से थोड़ी निराशा मिली। लेकिन शिक्षा को लेकर वित्तमंत्री ने पिटारा खोला जो कि सकारात्मक है।
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गृहणी अनुपमा चौहान ने बताया कि बेहतर आर्थिक ग्रोथ के लिए बजट में महिला स्वास्थ्य और सुरक्षा पर हो फोकस करते हुए बजट है। जो कामकाजी महिलाओं के साथ गृहणी महिलाओं के लिए हितकर है। लेकिन महिलाओं की पहचान रसोई पर सरकार ने बजट पर कोई फोकस नहीं किया।
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सुषमा सिहं ने बताया महिलाओं के सशक्तीकरण पर फोकस करते हुए उनके लिए हर प्लेटफार्म पर काम करने और उनकी सुरक्षा पर पूरा ध्यान देने वाला बजट है। इस लिहाज से तो महिलाओं के लिए बजट हितकर है, लेकिन महिलाएं परिवार से संपूर्ण होती है, ऐसे में पूरे परिवार का हित महंगाई पर लगाम से है। जो इस बजट में नही दिखा।
वहीं अर्चना सिंह ने कहा कि रियायती दर पर घर देना सरकार की एक अच्छी पहल है। इसके साथ डेढ लाख रुपये तक के होम लोन को ब्याज मुक्त रखने की स्कीम सरकार द्वारा उठाया गया एक सकारात्मक कदम है। लेकिन मकान बनवाने के लिए कौन व्यक्ति डेढ लाख रुपये का लोन लेता है।