समझिए मिशन 2022 का गणित: यूपी में अति पिछड़े जिले मऊ के एके शर्मा क्यों बने हैं भाजपा की पसंद?
गुजरात कैडर के आईएएस के पद से वीआरएस लेकर यूपी के पूर्वांचल के अति पिछड़े जनपद मऊ के एके शर्मा ने एक दिन पहले ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उम्मीद के अनुसार उनका नाम भाजपा द्वारा आगामी 28 जनवरी को प्रदेश में होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार को जारी उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया गया। घोषणा होने के बाद गांव में खुशी का माहौल है।
एके शर्मा की कर्मभूमि हमेशा गुजरात ही रही है। उन्हें यूपी इसलिए भेजा गया है ताकि भाजपा के मिशन 2022 को गति प्रदान की जा सके। बीते दिनों सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, तभी से उम्मीद जताई जा रही थी इस फैसले पर मुहर लग गई है।
उन्हें भूमिहार समाज के लिए बड़ा चेहरा साबित करने के लिए पूर्वांचल में भाजपा ने दांव चला है। क्योंकि पूर्वांचल के बड़े चेहरे मनोज सिन्हा को जम्मू में जिम्मेदारी मिलने के बाद भाजपा में भूमिहार नेतृत्व लगभग खाली सा था।
ऐसे में ऐके शर्मा भाजपा में भूमिहारों का बड़ा चेहरा बन सकते हैं। ऐसा विश्वास उन्हें जानने वालों समर्थकों ग्रामवासियों और शुभचिंतकों ने जताया है। गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक मथुरा राय ने कहा कि गुजरात में लगातार 25 साल और लगभग 7 साल प्रधानमंत्री कार्यालय में काम किया है।
15 जनवरी को भाजपा द्वारा प्रदेश के 4 उम्मीदवारों की जो सूची जारी की गई है उसमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, डॉ दिनेश शर्मा, लक्ष्मण आचार्य के अलावा एक मात्र नया नाम एके शर्मा का शामिल किया गया है।
सूची में नाम आने की सूचना पर गांव में एक बार फिर से लोगों में खुशी व्याप्त है। एक बार फिर से नामांकन की तिथि तय होने का सभी को इंतजार है। दर्जनों ग्रामवासी शुभचिंतक और एके शर्मा को जानने वाले लोग लखनऊ जाने की तैयारी में हैं। इस दौरान लखनऊ में मौजूद एके शर्मा के छोटे भाई अरुण शर्मा ने बताया कि अभी नामांकन की तिथि तय नहीं है। पार्टी के निर्देश और तय तिथि पर नामांकन किया जाएगा।