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पारा चढ़ने से गिर सकती है गेहूं की उपज

Thu, 18 Mar 2021 11:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 11:25 PM IST
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Wheat yield may fall due to mercury uptake
मौसम बदलने के बाद प्रभावित गेंहू की फसल। - फोटो : MAU
मऊ। फरवरी माह से ही तापमान चढ़ने का खराब असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो गेहूं की फसल के लिए 28 से लेकर 30 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल माना जा रहा है लेकिन इन दिनों 35 डिग्री सेल्सियस तापमान है। तेज हवा चलने से गेहूं की फसल में पीलापन आने से दूधिया दाना सिकुड़ जाएगा। इससे गेहूं की उपज 10 से 15 फीसदी घटने की आशंका है। मौसम के बदले रुख को देख किसान भी परेशान हैं।
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जिले में इस बार 95 हजार 619 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है। कृषि विभाग ने गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 355.980 एमटी रखा है। गेहूं की फसल अप्रैल के दूसरे सप्ताह में पककर तैयार होती है और कटाई शुरू होती है। थ्रेसिंग के बाद बिक्री के लिए गेहूं अप्रैल के दूसरे से तीसरे सप्ताह में क्रय केंद्रों पर ले जाया जाता है। इस वर्ष फरवरी से तापमान बढ़ना शुरू हो गया। मार्च मेें मौसम गर्म हो गया है। अधिकतम 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। चौदह किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही है। तापमान बढ़ने से गेेहूं की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। पूसा संस्थान नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि गेहूूूं की फसल के लिए तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस तक अनुकूल माना गया है। वर्तमान समय में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक चल रहा है। तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल में पीलापन बढ़ जाएगा। फसल में पानी देने की स्थिति में तेज हवा चलने पर बालियां सूखने लगेंगी। समय के अनुरूप बुआई वाली फसल पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन दिसंबर के अंतिम सप्ताह तथा जनवरी के पहले सप्ताह में बोई गई गेहूं की फसल पर असर पड़ सकता है।
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फसल में करें हल्की सिंचाई
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह तथा जनवरी के पहले सप्ताह में बोई गई गेहूं की फसल पर बढ़ेे तापमान का असर पड़ सकता है। जिन किसानों की गेहूं की फसल में पीलापन आ रहा है वे फसल में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करें। इससे पीलापन दूूर हो जाएगा। गेहूं का दाना अपने समय में विकसित होगा।
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एक अप्रैल से होगी गेहूं की खरीद
गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। गेहूं क्रय के लिए जिले में 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के नौ, पीसीएफ के 24, मंडी समिति का एक तथा एफसीआई का एक केंद्र बनाया गया है। सभी क्रय केंद्रों पर ई पास मशीन के माध्यम से गेहूं की खरीद की जाएगी।
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