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लाल निशान से तीन फुट ऊपर पहुंचा घाघरा का जलस्तर

Mon, 03 Aug 2020 05:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2020 05:39 PM IST
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water level of Ghaghra reached three feet above the red mark in mau
कोपागंज के लाडनपुर गाँव नाली का पानी जाम होने से गाँव में जमा पानी। - फोटो : MAU
दोहरीघाट। नेपाल द्वारा घाघरा में लगातार पानी छोड़े जाने से नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि हो गई है। नदी खतरे के निशान से एक सेंमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। वही बंधो से नदी अब सीधे टकराकर बहने लगी है। लोगों के रोगटे खड़े हो गये है, वही अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे हैं। तटवर्ती लोगों के अनुसार बंधा टूटा तो भीषण तबाही होनी तय है। पिछले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि हुई है।
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रविवार को सायं चार बजे घाघरा का जलस्तर 70:50 मीटर था जो सोमवार को सायं चार बजे बढ़कर 70:75 मीटर हो गया। घाघरा की बाढ़ में बंधों के नीचे की सभी फसलें डूबकर बर्बाद हो गयी है। नदी का पूरा दबाव बंधों पर पड़ रहा है। बाढ़ विभाग के अधिकारी लगातार बंधो पर चक्रमण कर रहे हैं। वही नवली गांव के समीप नदी पूरी तरह से दबाव बनाये हुए हैं। लोगों का कहना है कि अगर नवली बंधा कटा तो नदी भीषण तबाही मचा सकती है। वही तीसरी बार बसाया गया नवली गांव इस समय पूरी तरह से कटान की निशाने पर है।
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चिऊटीडाड़ से लेकर रामपुर धनौली रिंग बंधो की सुरक्षा के लिए पूरी रात अधिकारी कर्मचारी चक्रमण करते नजर आ रहे हैं। वही गोधनी बीबीपुर रिंग बंधे की सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है। बाढ़ खंड आजमगढ़ के एक्सईएन दीपक कुमार ने बताया कि स्थिति अभी कंट्रोल में है, हमारी पूरी कोशिश है कि सन 1998 जैसे हालात फिर न होने पाएं। इधर बंधों की ऊंचाई बढ़ाई गई है। वहीं चिऊटीडाड़ औराडाड़ तक कैंची बंधा यानी डबल बंधा बनाया गया है। जिससे कटान का खतरा न हो वही बंधों को बोल्डर की पिचिंग की गई है। रेगूलेटरों पर भी सुरक्षा बढ़ायी गयी है। घाघरा का जलस्तर पूरी तरह से उफान पर है। भारत माता मंदिर खाकी बाबा की कुटी पर नदी का दबाव बढ़ा है वही कस्बे के रामघाट जानकी घाट पर नदी बैकरोलिंग कर खतरे की घंटी बजा रही है। सन 1998 में घाघरा नदी का जलस्तर 71:27 मीटर से मा तक पहुंच गया था। वर्तमान में उससे महज 50 सेंटीमीटर नीचे जलस्तर रह गया है।
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बंधे की मरमत में हुई देरी तो होगी भयावह स्थिति
घाघरा नदी के सुरक्षा तटबंध गोदवार घाट के पास टूट गया है। जिससे नदी का पानी बंधे से दक्षिण के मैदानी इलाकों में फैल रहा हे। क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अगर बंधे की मरम्मत में देरी होगी तो स्थिति भयावह हो सकती है।घाघरा के बाए का पानी मऊ जनपद के मादीसिपाह ,हरधौली, चकभगवान दासपुर ,नवली, चिउंटी डांड़ , नई बाजार धनौली रामपुर गांवों तक आकर भारी तबाही मचा सकता है। लोगों का कहना है कि सऩ 1998 में घाघरा का तटबंध नहीं पर टूटा था तो बाढ़ का पानी इन गांवों में भर गया था।हरधौली गांव के लोगों को तत्कालीन कैबिनेट मंत्री फागू चौहान ने दोहरीघाट के विक्ट्री इंटर कालेज में शरण दिलाई थी। लोग उस स्थिति को सोच कर सिहर उठते हैं।
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