जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में कर करेत्तर राजस्व वसूली और अन्य राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में तहसील मधुबन की स्थिति सबसे खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी मधुबन और तहसीलदार मधुबन को कड़ी चेतावनी देते हुए राजस्व वसूली बढ़ाने का निर्देश दिए। गत माह 10 में बड़े बकायेदारों से वसूली की समीक्षा के दौरान समस्त तहसीलों में कम वसूली पर जिलाधिकारी ने बकायेदारों के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए वसूली बढ़ाने का निर्देश दिए। विशेषकर मधुबन तहसील में बड़े बकायेदारों से गत माह कोई भी वसूली न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने नीलामी प्रक्रिया अपनाते हुए वसूली की कार्रवाई करने को कहा। वादों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा के दौरान तहसील मधुबन की स्थिति सबसे खराब पाई गई। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों/ तहसीलदारों को मानक के अनुरूप निर्धारित मासिक लक्ष्यों के हिसाब से वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान ही जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कर प्राप्तियों पर विभाग वार समीक्षा की। इस दौरान व्यापार कर, स्टांप शुल्क, परिवहन खनन आदि में लक्ष्य के सापेक्ष कम प्राप्ति पर जिलाधिकारी ने इसमें वृद्धि लाने के निर्देश दिए। विशेषकर विद्युत कर में गत माह मात्र 47.11 प्रतिशत राजस्व वसूली पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को अतिरिक्त प्रयास करते हुए इसमें वृद्धि करने के निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने आडिट आपत्तियों, वरासत अभियान, कृषि एवं आवास केलिए भूमि का आवंटन की स्थिति, रियल टाइम खतौनी अपडेशन,अंश निर्धारण आदि की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिया। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार, एआरटीओ, जिला आबकारी अधिकारी सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।