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वित्तीय वर्ष में 47 दिन शेष, बैंकों में धूल फांक रही 88 बुनकरों की फाइलें

Fri, 12 Feb 2021 11:17 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 11:17 PM IST
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Wandering for months, no loan sanctioned
मऊ। एक जिला एक उत्पाद के तहत जिले के साड़ी उद्योग को चयनित किया गया है लेकिन इसके तहत बुनकरों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। साड़ी उत्पाद के लिए जिले के 111 बुनकरों ने ऋण के लिए आवेदन किया है जिसमें 23 बुनकरों का ही ऋण स्वीकृत हुआ है। इनमें 18 को ऋण मिल चुके हैं। जबकि ऋण संबंधी 88 बुनकरों की फाइलें बैंकों में लंबित पड़ी हैं जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 47 दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में बुनकर ऋण के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।
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जिले में लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के शासन ने एक जिला एक उत्पाद योजना शुरू की है। इसके तहत जिले में साड़ी उद्योग का चयन किया गया है। टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े बुनकरों को योजना के तहत 25 लाख तक के प्रोजेक्ट पर 25 प्रतिशत, 25 से 50 लाख तक के प्रोजेक्ट पर 20 प्रतिशत, 50 लाख से 1.50 करोड़ से ऊपर तक के प्रोजेक्ट पर 10 प्रतिशत सब्सिडी की सुविधा दी गई है। खास बात यह है कि योजना के तहत ऋण के लिए शैक्षिक योग्यता, आयु आदि शर्त नहीं रखी गई है। बुनकरों तथा युवाओं को नई तकनीक का प्रयोग करने और प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गई है। ताकि उत्पाद बाजार में उपलब्ध अन्य उत्पाद की प्रतिस्पर्धा कर सके।
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शासन ने योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 40 बुनकरों को ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष में मात्र 47 दिन ही शेष हैं, लेकिन अभी तक ऋण से संबंधित 23 फाइलें ही स्वीकृत हो पाई हैं। 18 अभ्यर्थियों को ऋण दिया जा चुका है। वर्ष 2019-20 में कोरोना संक्रमण के चलते 13 बुनकरों को ही ऋण वितरित किया जा सका। 2018-19 में दो बुनकरों को ऋण दिया गया था। उद्योग विभाग के अधिकारियों की मानें तो सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद भी ऋण संबंधी फाइलें बैंकों को भेजी जाती हैं। बैंक अधिकारियों की मानें तो फाइलों में प्रोजेक्ट का कोटेशन सहित आवश्यक विवरण उपलब्ध न रहने से समस्या आ रही है।
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बैंकों में लंबित हैं फाइलें
बैंकों में ऋण संबंधी फाइल लंबित होने को लेकर बुनकर परेशान हैं। बड़ागांव निवासी बुनकर विश्वजीत विश्वकर्मा ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक में फाइल भेजे महीनों बीत गए लेकिन अधिकारी आज कल कहकर टाल दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। नगर के बुनकर अनिल कुमार भारद्वाज ने बताया कि यूनियन बैंक में फाइल लंबे समय से लंबित है। फाइल स्वीकृत नहीं हो सकी है। रायपुर निवासी बुनकर शिवा सिंह ने बताया कि बैंक में फाइल जमा है लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं।
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कोट
एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत ऋण की 23 फाइलें स्वीकृत हुई हैं। 18 लाभार्थियों को लोन दिया जा चुका है। 88 फाइलें बैंकों मेें लंबित हैं।-सगीर अहमद, सहायक आयुक्त, जिला उद्योग केंद्र।

कोट
एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत अभ्यर्थियों की फाइलों में आवश्यक कागजात व विवरण की कमी होने के कारण ऋण पास करने में दिक्कत हो रही है।-पीएन मिश्र, एलडीएम
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