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गांव, खेत, खलिहानों से होकर गुजरता है खुशहाली का रास्ता

Sat, 29 May 2021 11:16 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 May 2021 11:16 PM IST
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Village, farmland, barns pass through the path of prosperity
मऊ। सपा कार्यालय पर शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव की अध्यक्षता में मनाई गई। इस दौरान उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहाकि चरण सिंह का जन्म एक जाट परिवार में बाबूगढ़ छावनी के निकट नूरपुर गांव, तहसील हापुड़, जनपद गाजियाबाद, कमिश्नरी मेरठ में 23 दिसंबर 1902 को हुआ था।
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चौधरी चरण सिंह के पिता चौधरी मीर सिंह ने अपने नैतिक मूल्यों को विरासत में चरण सिंह को सौंपा था। चरण सिंह के जन्म के 6 वर्ष बाद चौधरी मीर सिंह सपरिवार नूरपुर से जानी खुर्द के पास भूपगढी आकर बस गये थे। आगरा विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा लेकर 1928 में चौधरी चरण सिंह ने ईमानदारी, साफगोई और कर्तव्यनिष्ठा पूर्वक गाजियाबाद में वकालत प्रारम्भ की।
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कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन 1929 में पूर्ण स्वराज्य उद्घोष से प्रभावित होकर युवा चरण सिंह ने गाजियाबाद में कांग्रेस कमेटी का गठन किया। 1930 में महात्मा गाँधी द्वारा सविनय अवज्ञा आन्दोलन के तहत् नमक कानून तोडने का आह्वान किया गया। गाँधी जी ने डांडी मार्च किया। आजादी के दीवाने चरण सिंह ने गाजियाबाद की सीमा पर बहने वाली हिण्डन नदी पर नमक बनाया। परिणामस्वरूप चरण सिंह को 6 माह की सजा हुई। जेल से वापसी के बाद चरण सिंह ने महात्मा गाँधी के नेतृत्व में स्वयं को पूरी तरह से स्वतन्त्रता संग्राम में समर्पित कर दिया।
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1940 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में भी चरण सिंह गिरफ्तार हुए फिर अक्टूबर 1941 में मुक्त किये गये। कहा कि महात्मा गाँधी ने करो या मरो का आह्वान किया। 9 अगस्त 1942 को अगस्त क्रांति के माहौल में युवक चरण सिंह ने भूमिगत होकर गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मवाना, सरथना, बुलंदशहर के गांवों में गुप्त क्रांतिकारी संगठन तैयार किया। मेरठ कमिश्नरी में युवक चरण सिंह ने क्रांतिकारी साथियों के साथ मिलकर ब्रितानिया हुकूमत को बार-बार चुनौती दी।पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव साधू ने कहा कि चौधरी साहब ने प्रदेश में ऐतिहासिक भूमि सुधार कानून और जमींदारी उन्मूलन कानून लाग कराया। सभी लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
बैठक में जिला महासचिव कुद्दूस अंसारी रामधनी चौहान,पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र यादव,लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष धीरज राजभर,निवर्तमान जिलाध्यक्ष छात्र सभा दिलीप कुमार पाण्डेय, जिला कार्यकारिणी के सदस्य रत्नेश भारतीय, मयंक पांडेय, सौरभ शाही, आकाश पाण्डेय,गौरव पाण्डेय,अभय राज यादव, अशोक चौहान, अम्बिका यादव, मनोज यादव,आदि नेता उपस्थित थे।
मधुबन में समाजवादी पार्टी की विधान परिषद सदस्य लीलावती कुशवाहा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 34 वां पुण्यतिथि पर श्रद्धांसुमन अर्पित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने चौधरी साहब के सपनों को तोड़ने का काम किया गांव का किसान अन्य दाता है गांव खुशहाल होगा तो किसान खुशहाल होगा। किसान देश की रीढ़ है। चौधरी साहब का संपूर्ण राजनीतिक जीवन सादगी, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर बीता था। कहां करते थे गांव खेत और खलिहानों से खुशिहाली का रास्ता निकलता है आज किसान सड़क पर बैठा है देश तबाही की ओर है गरीब मजदूर भुखमरी के कगार पर है। कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ने चौधरी साहब के सपनों को तोड़ने का काम किया। श्रीमती कुशवाहा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार चौधरी साहब के जन्म तिथि पर किसान बील तीनों सरकार को वापस कर लेना चाहिए देश हित में, किसान हित, में।
किसान नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को जिला अस्पताल के सामने स्थित एक कटरे में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण किया। साथ ही उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश महासचिव देवप्रकाश राय ने कहा कि चौधरी चरण सिंह नहीं रहते तो किसान शब्द हिंदुस्तान से मिट गया होता। उन्होंने किसान हित के लिए तमाम कार्य किए।उनके बताए हुए रास्ते पर चलने से ही देश की तरक्की संभव है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि यदि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू नरेंद्र मोदी की तरह जिद्दी होते तो देश 1959 से 1962 के बीच कांग्रेस प्रस्ताव के मुताबिक फार्म हाऊस में बदल गया होता।

मोदी सरकार को वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन में किसानों की बातों को मानते हुए आंदोलन समाप्त कराना चाहिए। प्रदेश महासचिव मौलाना नजमुद्दीन कासमी, मोहम्मद जकरिया जिला महामंत्री ने बुनकरों का बिजली रेट पूर्ववर्ती सपा सरकार की तरह लागू करने की मांग किया। नगर अध्यक्ष के अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में गोपाल दुबे, सुखारी पाल, बांके चौहान, सुनील राम, जियाउल हसन, मुकदम आदि शामिल रहे।
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