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Mau News: दिसंबर से गोरखपुर-वाराणसी हाईवे की दूसरी लेन पर भी दाैड़ेंगे वाहन
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मऊ/दोहरीघाट। जिलेवासियों के साथ गोरखपुर के लोगों के लिए भी राहत भरी खबर है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन हाईवे पर दोहरीघाट और बड़हलगंज के बीच सरयू नदी पर नई बाजार में बन रहा पुल अगले माह नवंबर में पूरा होने की उम्मीद है।दिसंबर से इस पर संचालन शुरू हो जाएगा। पुल से आवागमन शुरू होते ही दोहरीघाट कस्बा पूरी तरह से जाम से मुक्त हो जाएगा। इस पुल का काम 2019 में पूरा होना था लेकिन कोरोना काल के चलते यह कार्य लंबा खिंच गया।
इस पुल पर आवागमन के लिए एक लेन को खोला गया है, दूसरी लेन का एप्रोच भी तैयार हो गया है, यहां पिलर पर अंतिम पिलरों पर स्लैब ढालना बाकी है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास केंद्रीय सड़क परिवहन, राज मार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 8 सितंबर 2016 को किया था, जहां अप्रैल 2017 में इसका निर्माण शुरू हुआ तो इसका पूरा करने का लक्ष्य 2019 तक रखा गया था। लेकिन इस बीच कार्यदायी संस्था जेपी एसोसिएट्स आर्थिक संकट में फंस गई। इसके चलते कई माह तक निर्माण कार्य बाधित रहा। फिर कोरोनो काल के चलते यह कार्य दो साल तक प्रभावित रहा।
पूर्वांचल के गोरखपुर, वाराणसी, मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर सहित अन्य जनपदों की राह आसान करने के लिए फोरलेन निर्माण शुरू किया गया। लेकिन बेहद धीमी गति से हो रहे इस निर्माण से साल दर साल अवधी बढ़ती गई है। जो कार्य तीन वर्ष में पूरा होना था, उसे नौ साल लग गए। वर्तमान में कुछ स्थानों पर एप्रोच मार्ग, अंडरपास सहित अन्य कार्य बाकी है।
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सरयू की बाढ़ में बह गई थी 70 मीटर रोड
मऊ। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर सरयू नदी में बन रहे पुल के लिए एनएचएआई ने नदी को पाटकर करीब 70 मीटर रोड बनाई थी। इस समय पुल की लंबाई 850 मीटर थी। लेकिन 2021-22 में आई बाढ़ के दौरान एनएचएआई की रोड बह गई। इसके बाद फिर से पुल की नई ड्राइंग बनाई गई और पुल की लंबाई बढ़ाकर 1350 मीटर की गई। इस पुल पर निर्माण कार्य चल रहा है।
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कोट
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर सरयू नदी पर बन रहे पुल के अधूरे काम को तेजी से कराया जा रहा है। नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दूसरे लेने को भी दिसंबर 2024 तक आम जनता के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। - ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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इस पुल पर आवागमन के लिए एक लेन को खोला गया है, दूसरी लेन का एप्रोच भी तैयार हो गया है, यहां पिलर पर अंतिम पिलरों पर स्लैब ढालना बाकी है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास केंद्रीय सड़क परिवहन, राज मार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 8 सितंबर 2016 को किया था, जहां अप्रैल 2017 में इसका निर्माण शुरू हुआ तो इसका पूरा करने का लक्ष्य 2019 तक रखा गया था। लेकिन इस बीच कार्यदायी संस्था जेपी एसोसिएट्स आर्थिक संकट में फंस गई। इसके चलते कई माह तक निर्माण कार्य बाधित रहा। फिर कोरोनो काल के चलते यह कार्य दो साल तक प्रभावित रहा।
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पूर्वांचल के गोरखपुर, वाराणसी, मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर सहित अन्य जनपदों की राह आसान करने के लिए फोरलेन निर्माण शुरू किया गया। लेकिन बेहद धीमी गति से हो रहे इस निर्माण से साल दर साल अवधी बढ़ती गई है। जो कार्य तीन वर्ष में पूरा होना था, उसे नौ साल लग गए। वर्तमान में कुछ स्थानों पर एप्रोच मार्ग, अंडरपास सहित अन्य कार्य बाकी है।
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सरयू की बाढ़ में बह गई थी 70 मीटर रोड
मऊ। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर सरयू नदी में बन रहे पुल के लिए एनएचएआई ने नदी को पाटकर करीब 70 मीटर रोड बनाई थी। इस समय पुल की लंबाई 850 मीटर थी। लेकिन 2021-22 में आई बाढ़ के दौरान एनएचएआई की रोड बह गई। इसके बाद फिर से पुल की नई ड्राइंग बनाई गई और पुल की लंबाई बढ़ाकर 1350 मीटर की गई। इस पुल पर निर्माण कार्य चल रहा है।
कोट
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर सरयू नदी पर बन रहे पुल के अधूरे काम को तेजी से कराया जा रहा है। नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दूसरे लेने को भी दिसंबर 2024 तक आम जनता के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। - ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।