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बेमौसम बारिश ने ईंट भट्ठा संचालकों की तोड़ी कमर

Fri, 21 May 2021 09:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 21 May 2021 09:46 PM IST
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Unseasonal rain broke the brick kiln operators' back
कोपागंज। बुधवार की रात तथा बृहस्पतिवार को हुई बेमौसम बारिश ने क्षेत्र के ईंट भट्ठा संचालकों की कमर तोड़ दी है। इससे पहले भी कुछ दिन पूर्व हुई बारिश में ईंट भट्ठा मालिकों को काफी घाटा उठाना पड़ा था। ज्यादातर भट्टों पर पकने के लिए तैयार ईंटें पानी में गलकर खराब हो गईं। ईंट भट्ठा संचालकों के अनुसार बारिश के चलते 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर तो बारिश ने छोटे स्तर पर ईंट भट्ठे लगाने वालों को कहीं का नहीं छोड़ा है। लाखों कच्ची ईंटें बारिश की भेंट चढ़ चुकी हैं। ईंट भट्ठों में तैयार कच्ची ईंट मिट्टी बन गई हैं। ईंट भट्ठा संचालकों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नुकसान की भरपाई करने के लिए रॉयल्टी एवं टैक्स में छूट देने की गुहार लगाई है।
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कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के खखुंदवा, देवकली, विशुनपुर, डांडी, फैजुल्लाहपुर, जयरामगढ़, भदसा मानोपुर, सेंदुराइच सहित एक दर्जन ईंट भट्ठा संचालित हैं। ईंट भट्ठों में लाखों की संख्या में कच्ची ईटों को खुले में सूखने के लिए रखा गया था। सूखने के बाद उसे चेंबर में डालकर पकाया जाता है। बरसात के बाद इसी मौसम में नवंबर से जून तक कच्ची ईंटें तैयार होती हैं और पकाने के बाद उसकी बिक्री होती है। इसी बीच गत बुधवार की रात तथा बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश ने लेकिन बेमौसम बारिश ने किए कराए पर पानी फेर दिया। ईट भट्ठा संचालकों की मानें तो मजदूरी मद में काफी राशि का भुगतान ईंट भट्ठा संचालकों को करना पड़ता है। ऐसे में ईंटों के नुकसान होने से नए सिरे से ईंट का निर्माण एवं मजदूरी भुगतान के लिए राशि की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। मौसम की मार झेल रहे ईंट भट्ठा मालिकों को ईंट के व्यवसाय में लगातार घाटा झेलना पड़ रहा है।
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सरकार से ईंट भट्ठा उद्योग को किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिल रही है। यही नहीं व्यवसायी विभिन्न प्रकार के टैक्स लगाए जाने से भी परेशान हैं। जीएसटी, जिला पंचायत कर, प्रदूषण बोर्ड कर, रॉयल्टी और इनकम टैक्स के रूप में तमाम टैक्स देने पड़ रहे हैं। उसके बाद प्राकृतिक आपदा की मार भी झेलनी पड़ती है। इस वर्ष जब से पथाई का काम शुरू हुआ है, तब से लगातार प्राकृतिक कोप का भाजन बनना पड़ा है।कभी लॉक डाउन के चलते ईट पथाई का काम प्रभावित हुआ तो बेमौसम हुई बारिश ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। इस संबंध में लाड़नपुर के ईंट भट्ठा संचालक सावित्री देवी का कहना है कि ईंट भट्ठा व्यवसायियों के हित में सरकार को सोचना चाहिए। टैक्स का सही निर्धारण न करके उनका शोषण किया जा रहा है। बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए रॉयल्टी एवं टैक्स में छूट दी जाए। इसी क्रम में ईंट भट्ठा संचालक सूर्यकांत, शैलेंद्र यादव का कहना है कि पथाई कर रखी कच्ची ईंट गल जाने से लाखों का नुकसान हुआ है। कैसे कर्ज की भरपाई होगी समझ में नहीं आ रहा है। सोड़सर के ईंट भट्ठा संचालक अखिलेश राय का कहना है कि नए सिरे से ईंट का निर्माण एवं मजदूरी भुगतान के लिए राशि की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।
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