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Mau News: स्थायी लोक अदालत में दो अधिशासी अभियंता तलब
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मऊ। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अच्छे लाल गुप्ता ने दो मामलों में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय को तलब किया है।
स्थायी लोक अदालत में सुशील कुमार राय बनाम अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम और रामसरीख यादव बनाम अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय ने वाद दाखिल किया।
दोनों मामलों में उपभोक्ताओ को अधिक धनराशि की बिल दिया गया था। जिस पर सुशील राय और रामसरीख ने स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दाखिल किया गया था।
पीठासीन अधिकारी ने पक्षों को आमने-सामने बैठाकर सुलह- समझौते का अवसर दिया। मुकदमा विचाराधीन रहने के दौरान ही दोनों मामलों में कोर्ट के बाहर जिसमें 77 हजार 960 रुपये का बिल था।
उस मामले में वादी से 50 हजार रुपये लेकर समझौता कर लिया, जबकि न्यायालय में रसीद जो दाखिल की गई उसमें मात्र दो हजार 268 रुपये ही अंकित है, बाकी पैसे गबन कर लिया गया। जबकि न्यायालय में याची 40 हजार रुपये पर सुलह करने के लिए तैयार था।
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दूसरे मामले में भी 104362 रुपये का बिल था, वादी न्यायालय में 50 हजार रुपये देने के लिए तैयार था लेकिन न्यायालय से बाहर उसे 70 हजार रुपये लेकर मामला खत्म कर लिया गया और न्यायालय में मात्र 11 हजार 811 रुपये का रसीद दाखिल किया गया।
जिस पर स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष अच्छे लाल गुप्ता, सदस्य अभिषेक गौरव और विकास सिंह निकुम्भ ने दोनों मामले में अधिशासी अभियंता द्वितीय को 3 फरवरी व अधिशासी अभियंता प्रथम को 5 फरवरी को स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया।
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स्थायी लोक अदालत में सुशील कुमार राय बनाम अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम और रामसरीख यादव बनाम अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय ने वाद दाखिल किया।
दोनों मामलों में उपभोक्ताओ को अधिक धनराशि की बिल दिया गया था। जिस पर सुशील राय और रामसरीख ने स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दाखिल किया गया था।
पीठासीन अधिकारी ने पक्षों को आमने-सामने बैठाकर सुलह- समझौते का अवसर दिया। मुकदमा विचाराधीन रहने के दौरान ही दोनों मामलों में कोर्ट के बाहर जिसमें 77 हजार 960 रुपये का बिल था।
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उस मामले में वादी से 50 हजार रुपये लेकर समझौता कर लिया, जबकि न्यायालय में रसीद जो दाखिल की गई उसमें मात्र दो हजार 268 रुपये ही अंकित है, बाकी पैसे गबन कर लिया गया। जबकि न्यायालय में याची 40 हजार रुपये पर सुलह करने के लिए तैयार था।
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दूसरे मामले में भी 104362 रुपये का बिल था, वादी न्यायालय में 50 हजार रुपये देने के लिए तैयार था लेकिन न्यायालय से बाहर उसे 70 हजार रुपये लेकर मामला खत्म कर लिया गया और न्यायालय में मात्र 11 हजार 811 रुपये का रसीद दाखिल किया गया।
जिस पर स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष अच्छे लाल गुप्ता, सदस्य अभिषेक गौरव और विकास सिंह निकुम्भ ने दोनों मामले में अधिशासी अभियंता द्वितीय को 3 फरवरी व अधिशासी अभियंता प्रथम को 5 फरवरी को स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया।