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Mau News: हल्दी में मिली चावल की मिलावट, नौ महीने की वैधता वाला सरसों तेल चार महीने में हो गया मानक में फेल

Fri, 16 Jan 2026 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 12:42 AM IST
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Turmeric was found to be adulterated with rice, and mustard oil with a nine-month validity period failed quality standards in just four months.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा लिए गए नमूनों में दूध से बनी मिठाइयों में कम मिलावट मिली। सरसों तेल, रिफाइंड तेल, मसालों और नमकीन में मिलावट की पुष्टि हुई है। नौ महीने की वैधता वाला सरसों तेल चार महीने में में ही मानक में फेल हो गया।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार मसालों और नमकीन में रंग, हल्दी में चावल के आटे की मिलावट पाई गई है। ये जानकारी बुधवार की शाम एडीएम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में हुई जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जानकारी दी।
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अभिहित अधिकारी सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि अप्रैल से दिसंबर माह तक 1595 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। 394 प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर दूध से बनी मिठाइयों, बेसन के लड्डू, नमकीन, मसालों, मूंगफली, तेल आदि के 421 नमूने लिए गए।
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दिसंबर तक 222 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है। 104 नमूने बिना मानक और 33 असुरक्षित मिले जो खाने योग्य नहीं थे। एडीएम कोर्ट में चल रहे अभियोजन में निर्णय सुनाते हुए आठ माह में 34.66 लाख रुपये और विभाग द्वारा दूध से बनी खाद्य सामग्रियों में मिलावट पाए जाने पर 6.55 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
दूध से बने खाद्य पदार्थों के नमूनों में कम मिलावट मिली है। ब्रांडेड पिसे मसालों और नमकीन में रंग की मिलावट पाई गई है। अलग अलग ब्रांडों के पिसी हल्दियों में स्टार्च और चावल के आटे की पुष्टि हुई है।
पैकिंग के चार माह बाद ही तीन बड़े ब्रांड के सरसों और रिफाइंड तेल मानक विपरीत पाए गए हैं। गलत पैकिंग और अधोमानक के संदेह में 18 अक्तूबर 2025 को 5.27 लाख रुपये की 211 टिन (3163 किलोग्राम) सोना चांदी ब्रांड सरसों तेल, 3.22 लाख रुपये का 140 टिन (2100 किलोग्राम) रिफाइंड राइस ब्रान सरसों एक्टिव तेल, 70 हजार रुपये का 70 गत्ता (700 किलोग्राम) शक्ति रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया था। एडीएम सत्यप्रिय सिंह ने कहा कि यदि मिलावटी कारोबारियों पर रोक नहीं लगी और जांच के दौरान मिलावट पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर अर्थदंड सहित अन्य कार्यवाही की जाएगी।


जांच रिपोर्ट आने से पहले ही बिक गई बिना मानक खाद्य सामग्री

खाद्य सामग्रियों के लिए नमूनों की जांच रिपोर्ट जब तक आई तब तक सैकड़ों किलो खाद्य सामग्री बिक चुकी है। लोगों ने असुरक्षित और बिना मानक खाद्य सामग्रियों का सेवन भी कर लिए हैं। ये मिलावट केवल मिठाइयों में नहीं, खाने पीने वाले सभी पदार्थों में है। मिलावटखोरों के खिलाफ जुर्माना लगाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रहती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दुकानदारों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाता है। इनका सेवन कर नुकसान उठाने वालों को कोई मुआवजे का प्रावधान नहीं है। अब विभाग ने संबंधित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी जारी की है।


2940 दवाओं की दुकानों पर बढ़ाई गई निगरानी
बैठक में औषधि निरीक्षक ने बताया कि थोक विक्रेता लाइसेंस की संख्या 1444, फुटकर दुकान के लिए 1454 संख्या है। इसके अलावा 42 जन औषधि केंद्र हैं। अच्छी गुणवत्ता और शुद्धता के साथ सुरक्षित दवाईयां प्रदान करने के लिए एलोपैथिक दवा दुकानों का लाइसेंस ब्लड बैंक का निरीक्षण, वैध लाइसेंस के बिना दवाओं के किसी भी निर्माण और बिक्री का पता लगाना, दवाओं की गुणवत्ता और बनाए रखने के लिए निगरानी की जाती है। एडीएम ने निगरानी और तेज करने का निर्देश दिया, जिससे प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न हो पाए। जांच में बिना ब्रांड दवाई पाए जाने पर कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाता है और कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाती है।

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ब्रांडेड के समान हैं जनऔषधि केंद्र पर मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता

एडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि जन औषधि केंद्रों की दवाइयों की गुणवत्ता के संबंध में कई अध्ययन हुए हैं। इन अध्ययनों से पता चलता है कि जन औषधि केंद्रों की दवाएं ब्रांडेड दवाओं के समान ही गुणवत्ता वाली होती हैं। अल्प्राजोलम, सेटिरिज़िन, सिप्रोफ्लोक्सासिन और फ्लुओक्सिटाइन जैसी दवाएं जन औषधि केंद्रों से ली गई थीं, उनकी गुणवत्ता ब्रांडेड दवाओं के समान थी। जन औषधि केंद्रों की दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर कहा कि जन औषधि केंद्रों के लिए दवाएं डब्लूएचओ-जीएमपी प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से खरीदी जाती हैं। दवाओं का परीक्षण एनएबीएल प्रयोगशालाओं में किया जाता है। जन औषधि केंद्रों की दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50-90% सस्ती होती हैं और गुणवत्ता में समान होती हैं।
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