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ट्रामा सेंटर, तीन आर्थो सर्जन, फिर भी घायलों का प्राथमिक उपचार कर किया जा रहा रेफर

Sat, 28 Aug 2021 11:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 11:38 PM IST
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Trauma center, three ortho surgeons, yet the injured are being referred after first aid
मऊ। जिले के 25 लाख की आबादी को लेकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण कराया गया है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से अव्यवस्थाओं के चलते ट्रामा सेंटर शोपीस बनकर रह गया है। जबकि अस्पताल में तीन आर्थो सर्जन की तैनाती है, बावजूद गंभीर मरीजों का उपचार की सुविधा नदारद है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह है कि सीआर्म मशीन बीते तीन वर्षों से खराब पड़ी है। इसके चलते यहां मेजर ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
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जिम्मेदार कोरोना संक्रमण की बात कहकर जल्द ही इस मशीन को बनवाने की बात कहकर अपने दायित्वों की खानापूर्ति करते दिख रहे हैं। हड्डी या गंभीर हालात में आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल में ही उपचार हो सके, इस उद्देश्य से अस्पताल परिसर में ट्रामा सेंटर बनाया गया है। वर्ष 2017 से ट्रामा सेंटर का भवन अस्पताल द्वारा कार्यदायी संस्था से हैंडओवर के बाद संचालित किया जा रहा है। लेकिन वर्ष 2020 से ट्रामा सेंटर को कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए कोविड जांच भवन के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। जबकि गंभीर रूप से आने वाले मरीजों का उपचार जिला अस्पताल के पुराने हड्डी कक्ष में किया जा रहा है।
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चौकाने वाली बात है कि तीन-तीन आर्थो सर्जन की तैनाती के बाद भी चार वर्षों से मेजर ऑपरेशन नहीं हो सका। यहां आने वाले मरीजों का केवल पलस्टर ही चढ़ाया जा रहा है। जबकि गंभीर मरीजों के उपचार के लिए यहां अत्याधुनिक मशीन सीआर की व्यवस्था है। लेकिन बीते तीन वर्षों से यह मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों का प्राथमिक उपचार कर रेफर कर दिया जा रहा है।
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सीआर मशीन से आसानी से होती जटिल आर्थोपेडिक सर्जरी
मऊ। सीआर मशीन द्वारा कमर, कूल्हे व शरीर के अन्य हिस्सों की जटिल आर्थोपेडिक सर्जरी आसानी से की जाती है। इस मशीन से किसी भी हिस्से की हड्डी टूटने या फटने पर बगैर प्रभावित हिस्से को खोले आसपास के स्थान से होल करके रॉड या प्लेट को आसानी से डाला जाता है। इससे बच्चों व वृद्ध मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। कई बार बच्चों के हाथ या पैर में फैक्चर होने पर उस हिस्से को खोलकर प्लेट या रॉड डालना मुश्किल होता है, लेकिन सीआर मशीन से यह कार्य आसानी से किया जाता है।

जिला अस्पताल के सीएमएम डॉ. बृजकुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम को लेकर ट्रामा सेंटर में कोविड जांच की जा रही है। वहीं जिला अस्पताल में आने मरीजों का उपचार आर्थो सर्जनों द्वारा किया जा रहा है।
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