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टोकन बंद, अब किसी केंद्र पर जाकर किसान बेच सकेंगे धान:
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मऊ। शासन की तरफ से सरकारी धान खरीद में ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को अब खत्म कर दिया है, जिससे किसानों को अपना धान बेचने के लिए अब क्रय केंद्रों पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद अब किसान किसी भी केंद्र पर जाकर अपना धान बेच सकेंगे।
जिले में किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए एक नवंबर से 28 फरवरी तक धान खरीद होगी। इसके लिए जिले में पीसीएफ के 25 क्रय केंद्र, विपणन शाखा के 11 क्रय केंद्र तथा एफसीआई के दो सहित 38 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद का लक्ष्य 41200 एमटी लक्ष्य तय किया गया है। शासन की तरफ से इस वर्ष धान की सरकारी खरीद में यह अनिवार्य कर दिया था कि संबंधित किसान आनलाइन टोकन प्राप्त करेंगे। जिस दिन टोकन प्राप्त होगा, उसी दिन अपना धान संबंधित क्रय केंद्र पर ले जाकर तौल कराना आवश्यक है। अगर किसान किसी कारण उस दिन धान लेकर क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच पाता तो उस टोकन की वैधता खत्म हो जाएगी। अगले दिन फिर ऑनलाइन टोकन लेना होगा। इस अनिवार्यता का किसान शुरू से ही विरोध करते रहे हैं।
किसानों की की मानें तो आनलाइन टोकन मिलते ही तुरंत धान लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचने में दिक्कतें आती हैं। आनलाइन टोकन प्राप्त करने में कई बार इंटरनेट की समस्या भी आड़े आने लगती है। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शासन की तरफ से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना धान बेचने के लिए पंजीकरण कराकर धान लेकर किसी केंद्र पर अपना धान बेच सकते हैं। नई व्यवस्था के तहत किसानों को कितना लाभ मिलेगा यह तो धान खरीद शुरू होने के बाद ही पता चल सकेगा। उधर रविवार को दोपहर बाद तक विभागीय अधिकारी धान खरीदी की तैयारी को अंतिम रुप देने में लगे रहे।
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जिला खाद्य व विपणन आधिकारी वीके सिन्हां ने बातया किसरकारी धान खरीद में आनलाइन टोकन व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। लेकिन अभी तक लिखित शासनादेश नहीं मिला है। धान खरीद की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। शासन के समस्त दिशा निर्देशा का अनुपालन कराया जाएगा।
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जिले में किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए एक नवंबर से 28 फरवरी तक धान खरीद होगी। इसके लिए जिले में पीसीएफ के 25 क्रय केंद्र, विपणन शाखा के 11 क्रय केंद्र तथा एफसीआई के दो सहित 38 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद का लक्ष्य 41200 एमटी लक्ष्य तय किया गया है। शासन की तरफ से इस वर्ष धान की सरकारी खरीद में यह अनिवार्य कर दिया था कि संबंधित किसान आनलाइन टोकन प्राप्त करेंगे। जिस दिन टोकन प्राप्त होगा, उसी दिन अपना धान संबंधित क्रय केंद्र पर ले जाकर तौल कराना आवश्यक है। अगर किसान किसी कारण उस दिन धान लेकर क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच पाता तो उस टोकन की वैधता खत्म हो जाएगी। अगले दिन फिर ऑनलाइन टोकन लेना होगा। इस अनिवार्यता का किसान शुरू से ही विरोध करते रहे हैं।
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किसानों की की मानें तो आनलाइन टोकन मिलते ही तुरंत धान लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचने में दिक्कतें आती हैं। आनलाइन टोकन प्राप्त करने में कई बार इंटरनेट की समस्या भी आड़े आने लगती है। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शासन की तरफ से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना धान बेचने के लिए पंजीकरण कराकर धान लेकर किसी केंद्र पर अपना धान बेच सकते हैं। नई व्यवस्था के तहत किसानों को कितना लाभ मिलेगा यह तो धान खरीद शुरू होने के बाद ही पता चल सकेगा। उधर रविवार को दोपहर बाद तक विभागीय अधिकारी धान खरीदी की तैयारी को अंतिम रुप देने में लगे रहे।
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जिला खाद्य व विपणन आधिकारी वीके सिन्हां ने बातया किसरकारी धान खरीद में आनलाइन टोकन व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। लेकिन अभी तक लिखित शासनादेश नहीं मिला है। धान खरीद की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। शासन के समस्त दिशा निर्देशा का अनुपालन कराया जाएगा।