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Mau News: शौक पूरा करने के लिए किशोर गैंग बनाकर घटनाओं को दे रहे हैं अंजाम

Thu, 31 Oct 2024 01:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2024 01:55 AM IST
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To fulfill their hobby, teenagers are forming gangs and carrying out incidents.
मऊ। जिले में नबालिग किशोरों का गैंग बन चुके हैं, जो पैसा मिलने पर टारगेट को मारपीट कर फरार हो जा रहे हैं। कोपागंज और घोसी कोतवाली में कुछ मारपीट के मामलों में इन नबालिग गैंगों का नाम सामने आया है, लेकिन नबालिग होने के चलते यह पुलिस के चंगुल से बच जा रहे हैं। उधर अब पुलिस ऐसे नबालिगों के गैंग को चिह्नित करने के लिए योजना बना रही है। पुलिस ऐसे किशोंरों की पहचान कर उनके अभिभावकों को नोटिस देने की तैयारी में है। इंदारा, कोपागंज कस्बा सहित कई जगहों पर मारपीट की घटनाएं हुई इसमें आरोपियों में बालिगों की संख्या कम नबालिगों की संख्या ज्यादा मिली है। यही नहीं घोसी कोतवाली के रघौली, असना नहर पुलिया के अलावा नक्शा चट्टी के पास मारपीट के कई मामलों में नाबालिग मिले। पुलिस सूत्रों की माने तो कोपागंज, हलधरपुर, घोसी के अलावा अन्य जगहों पर बकायदा इनका वाट्सग्रुप बना है। सूत्रों की माने तो जिले में कुछ जगहों पर फिल्मों की तर्ज पर गैंग बना रखी है। इनके नाम के साथ इनके अपने-अपने एरिया चिह्नित हैं। यह बाइक पर स्टंट से शुरुआत करते है। पुलिस की पूछताछ में कुछ नाबालिग सिगरेट, बीयर और शराब की जरूरत को पूरा करने के लिए अपराध की ओर जा रहे हैं।
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सुनसान जगहों पर करते हैं मारपीट

नाबालिगों की न केवल गैंग बल्कि है बकायदा वाट्सग्रुप है। जहां वाट्सअप ग्रुप में मानक के अनुसार ज्यादा मेंबर होने पर उसी नाम का दूसरा वाट्सअप ग्रुप बनाया जाता है। इसमें स्कूल-कालेज के छात्र शामिल होते हैं, इतना ही इनका अपना अपना क्षेत्र है, जहां वर्चस्व की लड़ाई भी अक्सर गैंग के बीच देखने को मिलती है, लेकिन इसकी जानकारी आम लोगों को नहीं हो पाती है, कारण यह सुनसान जगहों पर अंजाम देते हैं। मारपीट की यह घटना पुलिस थाने तक पहुंचने तक नहीं देते हैं, यह आपस में ही मामले को सुलझाने की बात करते हैं।
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कोट

हाल ही में हुई कुछ घटनाओं में नाबालिगों के शामिल होने की बात पता चली है, जांच पर पता चला कि इन्होंने टीम बना रखी है। इसमें शामिल किशोरों की प्रवृति हिंसक होती नजर आ रही है। यह समाज के लिए ठीक नहीं है। ऐसे में ऐसे किशोरों के अभिभावकों को सजग रहना होगा। पुलिस की कार्रवाई में एक बार नाम आ जाने से लड़कों का भविष्य खराब हो जाएगा। अभिभावक शुरू में ध्यान दें तो उन्हें रोका जा सकता है, क्योंकि बच्चों में बदलाव आते ही संकेत नजर आ जाते हैं।
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ईला मारन जीए पुलिस अधीक्षक, मऊ
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