{"_id":"594025ad8664196b5d8b4842","slug":"till-now-the-repair-has-not-started","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तक मरम्मत ही शुुरू नहीं हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तक मरम्मत ही शुुरू नहीं हुई
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
मधुबन के नन्दौर से मुस्तफाबाद जाने वाली बदहाल सड़क।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगी सरकार की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समय सीमा में दो दिन बचा है, लेकिन मधुबन मझवारा मार्ग पर नंदौर से लेकर लधुवाई मुस्तफाबाद तक जाने वाली प्रमुख प्रधानमंत्री सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो गई है।पिछले पांच छह वर्षों के बीच इस सड़क पर न तो लोक निर्माण विभाग से कोई काम हुआ है और न ही प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत कोई मरम्मत कार्य हुआ है। जिससे सड़क का अधिकांश हिस्सा उखड़ गया है।सड़क में बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर साइकल से भी चलना दुरूह कार्य साबित हो रहा है। अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
नन्दौर से फतेहपुर गुरुम्हा अलीपुर होते हुए मुस्तफाबाद तक नहर की पटरी पर लगभग सात वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत करोड़ों रूपये की लागत से सड़क का निर्माण किया गया। सड़क को बनाने में तीन साल तो लग गए लेकिन सड़क कही भी प्रधानमंत्री सड़क योजना के मानक से नहीं बनी।गिट्टी से लेकर पिचिंग कार्य तक घटिया स्तर का किया गया। नतीजा यह रहा कि सड़क एक वर्ष भी नहीं चली और जगह जगह से उखड़ने लगी। ग्रामीणों के हल्ला मचाने पर विभाग ने कुछ जगह चिप्पी मारकर कार्य की इति श्री कर ली। नतीजा यह हुआ कि वो भी एक बरसात नही झेल पाई और सड़क टूटती रही।ग्रामीणों की माने तो विभाग इस पर कागज में मरम्मत कराकर लाखो रुपये डकार गया है जबकि इस सड़की पर पिछले पांच साल में एक बार भी मरम्मत का कार्य नही किया गया है। योगी सरकार ने सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त करने का फरमान तो जारी कर दिया गया है, लेकिन मरम्मत कार्य होना दूर एक दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी थोपकर मामले को लटका दे रहे हैं। सड़क खराब हो जाने के चलते रात के अंधेरे में चलना दूर दिन के उजाले में भी अगर सजगता से सड़क पर नही चले तो दुर्घटना निश्चित है।
विज्ञापन
नन्दौर से फतेहपुर गुरुम्हा अलीपुर होते हुए मुस्तफाबाद तक नहर की पटरी पर लगभग सात वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत करोड़ों रूपये की लागत से सड़क का निर्माण किया गया। सड़क को बनाने में तीन साल तो लग गए लेकिन सड़क कही भी प्रधानमंत्री सड़क योजना के मानक से नहीं बनी।गिट्टी से लेकर पिचिंग कार्य तक घटिया स्तर का किया गया। नतीजा यह रहा कि सड़क एक वर्ष भी नहीं चली और जगह जगह से उखड़ने लगी। ग्रामीणों के हल्ला मचाने पर विभाग ने कुछ जगह चिप्पी मारकर कार्य की इति श्री कर ली। नतीजा यह हुआ कि वो भी एक बरसात नही झेल पाई और सड़क टूटती रही।ग्रामीणों की माने तो विभाग इस पर कागज में मरम्मत कराकर लाखो रुपये डकार गया है जबकि इस सड़की पर पिछले पांच साल में एक बार भी मरम्मत का कार्य नही किया गया है। योगी सरकार ने सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त करने का फरमान तो जारी कर दिया गया है, लेकिन मरम्मत कार्य होना दूर एक दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी थोपकर मामले को लटका दे रहे हैं। सड़क खराब हो जाने के चलते रात के अंधेरे में चलना दूर दिन के उजाले में भी अगर सजगता से सड़क पर नही चले तो दुर्घटना निश्चित है।
विज्ञापन