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आंधी, बारिश के साथ ओले भ्ाी पड़े, फसलें जमींदोज
Sun, 07 Apr 2019 11:30 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Sun, 07 Apr 2019 11:30 PM IST
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परदहा ब्लाक के फुलवरिया में शनिवार की देर रात बारिश तथा ओले से बर्बाद हुई गेहूं की फसल।
- फोटो : mau
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जिले के विभिन्न इलाकों में शनिवार की देर रात आंध, बारिश और ओले से गेहूं तथा आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें जमीदोंज हो गईं। मड़ाई के लिए रखे गए गेहूं के बोझ पूरी तरह भींग गए हैं। फसल की कटाई-मड़ाई बाधित हो गई है। दूसरे दिन भी आकाश में बादल छाए रहने से किसान पेशोपेश में पड़े रहे। उन्हें चिंता है कि यदि ऐसा ही होता रहा तो इस बार फसल का क्या होगा। उधर, दोपहर के बाद मौसम कुछ साफ हो गया। जानकारों की मानें तो आठ अप्रैल तक मौसम बिगड़ने की संभावना है। इसमें धूल भरी आंधी के साथ ही हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।
अचानक मौसम परिवर्तन से खेती किसानी पर संकट मंडराने लगा है। गेहूं की कटाई मंड़ाई का काम चल ही रहा था कि प्रकृति ने किसानों की फसल पर कहर बरपा दिया। शनिवार की रात आंधी के साथ ओला वृष्टि से जहां गेहूं की बालियां टूट गई। वहीं फसलें जमीदोंज हो गई। कृषि विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से बीज की खेती कर रहे बीज उत्पादक किसानों को फसल गुणवत्ता पर असर पड़ने का डर सताने लगा है। बारिश से लगभग चार दिनों के लिए कटाई तथा मंड़ाई कार्य ठप हो गया है। आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो तिलहन की फसल में माहो का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही गेहूं की फसल भींगने से दाने की चमक गायब होगी। किसान खेतों में नुकसान हो रही फसल को सिर्फ निहार रहे हैं। किसानों का कहना था कि प्रकृति के तेवर को देखकर लगता है कि फसल का घर जाना मुश्किल ही लग रहा है। पिपरीडीह : शनिवार की रात आंधी ओले और बारिश के कारण फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
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क्षेत्र के पिपरीडीह, भार रैकवारेडीह, ओन्हाइच, खरगजेपुर, सुवराबोझ, बबुआपुर, सरेजा, मंसड़ी, उस्मानपुर, पतिला, हासपुर, इटौरा, मजखनी सहित विभिन्न गांवो में आंधी, बारिश से जहां गेहूं की पकी फसल जमीदोज हो गई। वहीं आम में लगे फल झड़ गए। क्षेत्र के किसान जगरनाथ यादव, गिरीश, लछिराम मौर्य, ध्रुव, चंद्रिका सिंह किसानों का कहना है कि प्रकृति के कहर से फसलों को नुकसान पहुंचा है। दोहरीघाट : तेज आंधी, बारिश के चलते गेहूं तथा आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। आंधी के चलते फसलें जमींदोज हो गई है। मधुबन : तेज आंधी, बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में गेंहूं, मटर तथा सरसों की फसल खेतों में खड़ी है। मौसम के तेवर से किसान परेशान है।
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अचानक मौसम परिवर्तन से खेती किसानी पर संकट मंडराने लगा है। गेहूं की कटाई मंड़ाई का काम चल ही रहा था कि प्रकृति ने किसानों की फसल पर कहर बरपा दिया। शनिवार की रात आंधी के साथ ओला वृष्टि से जहां गेहूं की बालियां टूट गई। वहीं फसलें जमीदोंज हो गई। कृषि विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से बीज की खेती कर रहे बीज उत्पादक किसानों को फसल गुणवत्ता पर असर पड़ने का डर सताने लगा है। बारिश से लगभग चार दिनों के लिए कटाई तथा मंड़ाई कार्य ठप हो गया है। आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
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कृषि विशेषज्ञों की मानें तो तिलहन की फसल में माहो का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही गेहूं की फसल भींगने से दाने की चमक गायब होगी। किसान खेतों में नुकसान हो रही फसल को सिर्फ निहार रहे हैं। किसानों का कहना था कि प्रकृति के तेवर को देखकर लगता है कि फसल का घर जाना मुश्किल ही लग रहा है। पिपरीडीह : शनिवार की रात आंधी ओले और बारिश के कारण फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
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क्षेत्र के पिपरीडीह, भार रैकवारेडीह, ओन्हाइच, खरगजेपुर, सुवराबोझ, बबुआपुर, सरेजा, मंसड़ी, उस्मानपुर, पतिला, हासपुर, इटौरा, मजखनी सहित विभिन्न गांवो में आंधी, बारिश से जहां गेहूं की पकी फसल जमीदोज हो गई। वहीं आम में लगे फल झड़ गए। क्षेत्र के किसान जगरनाथ यादव, गिरीश, लछिराम मौर्य, ध्रुव, चंद्रिका सिंह किसानों का कहना है कि प्रकृति के कहर से फसलों को नुकसान पहुंचा है। दोहरीघाट : तेज आंधी, बारिश के चलते गेहूं तथा आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। आंधी के चलते फसलें जमींदोज हो गई है। मधुबन : तेज आंधी, बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में गेंहूं, मटर तथा सरसों की फसल खेतों में खड़ी है। मौसम के तेवर से किसान परेशान है।