फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Three years imprisonment for molesting a minor, one accused including two women released

Mau News: नाबालिग से छेड़खानी में तीन साल की सजा, दो महिला समेत एक आरोपी रिहा

Thu, 09 May 2024 01:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 May 2024 01:17 AM IST
विज्ञापन
Three years imprisonment for molesting a minor, one accused including two women released
मऊ। विशेष जज पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग से छेड़छाड़, मारपीट व गाली देने के मामले में चार नामजद आरोपियों में एक को नाबालिग के घर में घुसकर छेड़छाड़ करने और धमकी देने का दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इस मामले में 40 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। वहीं दो को मारपीट तथा एक को धमकी देने का दोषी पाया। तीनों को परीवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए रिहा कर दिया। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है।
विज्ञापन

नाबालिग लड़की के साथ अभियुक्त ने 22 नवंबर 2016 की शाम को घर में घुसकर छेड़छाड़ की विरोध करने पर धमकी दी। आरोप है कि 27 नवंबर 2016 को नोनारी गांव निवासी वकील सिंह और नागेंद्र सिंह, सजनी देवी तथा मीना देवी ने पीड़िता को मारा-पीटा तथा धमकी दी। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बाद आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने 7 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। विशेष जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन के बाद आरोपी वकील सिंह को घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ व धमकी देने का दोषी पाया। पॉक्सो एक्ट में 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 30 हजार रुपया जुर्माना लगाया। वहीं घर में घुसने के मामले में दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथी ही 10 हजार रुपया जुर्माना लगाया। धमकी देने के मामले में 1 वर्ष के कठोर कारावास की सजा का निर्णय सुनाया। वहीं नागेंद्र सिंह को धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए परीवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए एक वर्ष तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए रिहा कर दिया। वहीं सजनी देवी और मीना देवी को मारपीट का दोषी पाते हुए दोनों को परीवीक्षा अधिनियम नियम का लाभ देते हुए 6-6 माह तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए रिहा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed