{"_id":"610ad70c8ebc3ec2d1007e21","slug":"three-thousand-families-did-not-get-golden-card-mau-news-vns604308478","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन हजार परिवार को नहीं मिला गोल्डेन कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन हजार परिवार को नहीं मिला गोल्डेन कार्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। जिले में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण आयुष्मान भारत योजना को लेकर जनपद का स्वास्थ्य महकमा गंभीर नहीं दिख रहा है। योजना के शुरू हुए दो वर्ष बाद भी अभी तक ‘गोल्डेन कार्ड’ के लिए लाभार्थी भटक रहे हैं। हालात यह है कि पंजीकृत एक लाख 23 हजार परिवार के सदस्यों का गोल्डेन कार्ड के सापेक्ष एक लाख परिवार 20 हजार लाभार्थी का ही गोल्डेन कार्ड बन सका है। हालांकि वर्तमान में गोल्डेन कार्ड बनाने को लेकर बीते 26 जुलाई से गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
जिले में आयुष्मान योजना का शुभारंभ सितंबर 2018 से हुई है। इसके तहत 25 लाख की आबादी में एक लाख 23,282 परिवार पंजीकृत है। नियमानुसार आयुष्मान योजना में शामिल पंजीकृत परिवारों के सभी सदस्यों के पास गोल्डेन कार्ड होना चाहिए। बावजूद दो वर्ष से अधिक समय बीतने केे बाद केवल एक लाख 20 हजार 936 लोगों का ही गोल्डेन कार्ड बन पाया।
विभागीय सूत्रों की माने तो विभाग एक परिवार में कम से कम पांच सदस्यों की गणना के अनुसार करीब सात लाख लोगों को गोल्डेन कार्ड बनवाना है। पंजीकृत परिवार एक लाख 23 हजार 282 परिवारों में से तीन हजार परिवार अब भी गोल्डेन कार्ड पाने से दूर हैं। इससे लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के लाभ से उन्हें वंचित होना पड़ रहा है। दूसरी तरफ विभाग का दावा है कि बीते 26 जुलाई से जिले में मेगा कैंप का आयोजन कर गोल्डेन कार्ड बनवाने की कवायद जारी है। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि आयुष्मान योजना में पंजीकृत हर परिवार के सदस्यों के लिए गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक दिन हर ब्लाक के चार गांव में मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
17 अस्पतालों में आयुष्मान का लाभ
मऊ। आयुष्मान योजना में शामिल पंजीकृत लाभार्थियों के उपचार की सुविधा जिले के 17 अस्पतालों में है। इसमें नौ निजी तथा शेष सरकारी अस्पताल है। योजना में चिह्नित निजी अस्पतालों में शारदा नारायण, प्रकाश, आशीष, फातिमा, गुप्ता सर्जिकल अस्पताल, प्रेमा नेत्रालय, राहुल नर्सिंग, स्वास्तिक आई एंड डेंटल केयर तथा वंदना नर्सिग होम शामिल है। वहीं सरकारी अस्पताल में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, रतनपुरा, फतेहपुर मंडाव तथा बड़राव सीएचसी में उपचार की सुविधा है। अब तक इस योजना के तहत 3500 मरीज निशुल्क उपचार करा चुके है। इसमें 3231 मरीजों ने निजी अस्पतालों में उपचार कराया है।
उपचार के लिए गोल्डेन कार्ड जरूरी
मऊ। उपचार कराने के लिए गोल्डेन कार्ड बनाना चाहिए। पंजीकृत परिवार के मुखिया के अलावा परिवार के सदस्यों को अलग से बनना है। इन दिनों कैंप का आयोजन कर गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है। गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभर्थी का प्रधानमंत्री का पत्र के साथ उसका पहचान पत्र जिसमें मतदान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड अनिवार्य है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री पत्र लेकर आना अनिवार्य है।
विज्ञापन
जिले में आयुष्मान योजना का शुभारंभ सितंबर 2018 से हुई है। इसके तहत 25 लाख की आबादी में एक लाख 23,282 परिवार पंजीकृत है। नियमानुसार आयुष्मान योजना में शामिल पंजीकृत परिवारों के सभी सदस्यों के पास गोल्डेन कार्ड होना चाहिए। बावजूद दो वर्ष से अधिक समय बीतने केे बाद केवल एक लाख 20 हजार 936 लोगों का ही गोल्डेन कार्ड बन पाया।
विज्ञापन
विभागीय सूत्रों की माने तो विभाग एक परिवार में कम से कम पांच सदस्यों की गणना के अनुसार करीब सात लाख लोगों को गोल्डेन कार्ड बनवाना है। पंजीकृत परिवार एक लाख 23 हजार 282 परिवारों में से तीन हजार परिवार अब भी गोल्डेन कार्ड पाने से दूर हैं। इससे लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के लाभ से उन्हें वंचित होना पड़ रहा है। दूसरी तरफ विभाग का दावा है कि बीते 26 जुलाई से जिले में मेगा कैंप का आयोजन कर गोल्डेन कार्ड बनवाने की कवायद जारी है। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि आयुष्मान योजना में पंजीकृत हर परिवार के सदस्यों के लिए गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक दिन हर ब्लाक के चार गांव में मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
17 अस्पतालों में आयुष्मान का लाभ
मऊ। आयुष्मान योजना में शामिल पंजीकृत लाभार्थियों के उपचार की सुविधा जिले के 17 अस्पतालों में है। इसमें नौ निजी तथा शेष सरकारी अस्पताल है। योजना में चिह्नित निजी अस्पतालों में शारदा नारायण, प्रकाश, आशीष, फातिमा, गुप्ता सर्जिकल अस्पताल, प्रेमा नेत्रालय, राहुल नर्सिंग, स्वास्तिक आई एंड डेंटल केयर तथा वंदना नर्सिग होम शामिल है। वहीं सरकारी अस्पताल में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, रतनपुरा, फतेहपुर मंडाव तथा बड़राव सीएचसी में उपचार की सुविधा है। अब तक इस योजना के तहत 3500 मरीज निशुल्क उपचार करा चुके है। इसमें 3231 मरीजों ने निजी अस्पतालों में उपचार कराया है।
उपचार के लिए गोल्डेन कार्ड जरूरी
मऊ। उपचार कराने के लिए गोल्डेन कार्ड बनाना चाहिए। पंजीकृत परिवार के मुखिया के अलावा परिवार के सदस्यों को अलग से बनना है। इन दिनों कैंप का आयोजन कर गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है। गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभर्थी का प्रधानमंत्री का पत्र के साथ उसका पहचान पत्र जिसमें मतदान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड अनिवार्य है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री पत्र लेकर आना अनिवार्य है।