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करोबार की सलामती को उठे हजारों हाथ
mau news
Updated Thu, 20 Jul 2017 01:00 AM IST
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दुआख्वानी के दौरान मौजूद बुनकर।
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मुहम्मदाबाद गोहना। साडी़ कारोबार की सलामती के लिए बुधवार को मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के वलीदपुर नगर पंचायत की बडी़ मस्जिद में जुटे सैकड़ों बुनकरों ने दुआख्वानी की। इस दौरान मौजूद लोगो ने अपने कारोबार की सलामती और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। लोगों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के कारण साडी़ कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है। बुनकरों के घर पर फांकाकशी के हालात हैं। ऐसे में अब एक मात्र अल्लाह का ही भरोसा है।
वलीदपुर नगर पंचायत की बडी़ मस्जिद में बुधवार को जुटे सैकड़ों बुनकरों ने जीएसटी के चलते मंदी की मार झेल रहे साडी़ कारोबार को पटरी पर लाने को लेकर दुआख्वानी की। मौजूद कौम के रहनुमाओं ने जीएसटी को समाप्त करने के लिए सरकार और हुक्मरानों से अपील किया। मौलाना गुलाम मुहम्मद, मौलाना अब्दुल बासित, मौलाना अनीसुरहमान, हाजी औजाल, मौलाना तफजुल्जमिल, हाजी जहीर, हाफिज उस्मानी, हाजी हासिम आदि ने कहा कि बुनकरों के सामने रोजी रोटी का सवाल पैदा हुआ है। कहा कि अनपढ़ गंवार और दिन रात मेहनत कर किसी प्रकार अपना पेट पालने वाला बुनकर समाज को जीएसटी की कोई समझ नहीं है। मौलाना उलेमाओं ने कहा कि विगत कई दिनों की बंदी के चलते अधिकांश बुनकरों के घरों में चूल्हा जलना भी कायम नहीं रह गया है। लोगो ने केन्द्र सरकार से साडी़ पर लगाया गया जीएसटी वापस लेने की मांग करते हुए हुकूमत की सद्ुबुद्धि और अपने करोबार की तरक्की के लिए दुआख्वानी की गई।
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वलीदपुर नगर पंचायत की बडी़ मस्जिद में बुधवार को जुटे सैकड़ों बुनकरों ने जीएसटी के चलते मंदी की मार झेल रहे साडी़ कारोबार को पटरी पर लाने को लेकर दुआख्वानी की। मौजूद कौम के रहनुमाओं ने जीएसटी को समाप्त करने के लिए सरकार और हुक्मरानों से अपील किया। मौलाना गुलाम मुहम्मद, मौलाना अब्दुल बासित, मौलाना अनीसुरहमान, हाजी औजाल, मौलाना तफजुल्जमिल, हाजी जहीर, हाफिज उस्मानी, हाजी हासिम आदि ने कहा कि बुनकरों के सामने रोजी रोटी का सवाल पैदा हुआ है। कहा कि अनपढ़ गंवार और दिन रात मेहनत कर किसी प्रकार अपना पेट पालने वाला बुनकर समाज को जीएसटी की कोई समझ नहीं है। मौलाना उलेमाओं ने कहा कि विगत कई दिनों की बंदी के चलते अधिकांश बुनकरों के घरों में चूल्हा जलना भी कायम नहीं रह गया है। लोगो ने केन्द्र सरकार से साडी़ पर लगाया गया जीएसटी वापस लेने की मांग करते हुए हुकूमत की सद्ुबुद्धि और अपने करोबार की तरक्की के लिए दुआख्वानी की गई।
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