{"_id":"620a8cabcef7013a635fa1a8","slug":"there-was-silence-in-the-offices-and-the-lock-was-hanging-somewhere-mau-news-vns638611028","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यालयों में कहीं सन्नाटा तो कही लटका रहा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्यालयों में कहीं सन्नाटा तो कही लटका रहा ताला
विज्ञापन
विकास भवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कक्ष में खाली पड़ी कुर्सी।
- फोटो : MAU
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन के फरमान पर जिले के समस्त सरकारी कार्यालय सोमवार को पूरी क्षमता के साथ खुल गए। सरकारी कार्यालयों में कोविड गाइडलाइन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया गया है। अमर उजाला टीम ने अपराह्न बाद सरकारी कार्यालयों की पड़ताल की तो कई सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा तो कई कार्यालय में ताला लटका रहा।
कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ने से सभी सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत क्षमता से ही संचालित हो रहे थे। कोरोना संक्रमण में कमी आने के बाद शासन के फरमान पर सोमवार से सभी सरकारी कार्यालय पूरी क्षमता के साथ खुल गए। सरकारी विभागों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों ने मास्क में कार्य किया।
दोपहर एक बजे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण कार्यालय खुला था, लेकिन कर्मचारी नदारद रहने से कुर्सियां खाली थी। दोपहर 1.10 बजे सहायक अभियंता जिला ग्राम विकास खुला था, लेकिन कर्मचारी नदारद रहे। सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर 1.15 बजे स्थापना अनुभाग, जिला ग्राम विकास अनुभाग कार्यालय खुला था, लेकिन कार्यालय में कुर्सियां खाली रही। दोपहर 1.20 बजे अर्थ संख्याधिकारी कार्यालय में ताला लटका रहा। कर्मचारियों के नदारद रहने से फरियादियों को बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ने से सभी सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत क्षमता से ही संचालित हो रहे थे। कोरोना संक्रमण में कमी आने के बाद शासन के फरमान पर सोमवार से सभी सरकारी कार्यालय पूरी क्षमता के साथ खुल गए। सरकारी विभागों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों ने मास्क में कार्य किया।
विज्ञापन
दोपहर एक बजे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण कार्यालय खुला था, लेकिन कर्मचारी नदारद रहने से कुर्सियां खाली थी। दोपहर 1.10 बजे सहायक अभियंता जिला ग्राम विकास खुला था, लेकिन कर्मचारी नदारद रहे। सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर 1.15 बजे स्थापना अनुभाग, जिला ग्राम विकास अनुभाग कार्यालय खुला था, लेकिन कार्यालय में कुर्सियां खाली रही। दोपहर 1.20 बजे अर्थ संख्याधिकारी कार्यालय में ताला लटका रहा। कर्मचारियों के नदारद रहने से फरियादियों को बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन