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दोहरीघाट नहर व शारदा सहायक का पानी सूखा
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 02 Jun 2015 12:28 AM IST
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प्रथम पंचवर्षीय योजना में बनी दोहरीघाट पंप कैनाल और शारदा सहायक नहर महीनों से सूखी हुई हैं। इस समय धान की नर्सरी डालने का समय है। ऐसे में किसान धान की बेहन डालने को लेकर बेहद चिंतित हैं। बेमौसम की बरसात, ओले और अंाधी पानी से रबी सीजन की बरबादी झेल चुके किसान नहरों में पानी नहीं होने के लिए जिला प्रशासन को कोस रहे हैं।
जिले के तीन चौथाई क्षेत्रफल में फसलों की सिंचाई दोहरीघाट पंप कैनाल और शारदा सहायक नहरों से होती है।
घोसी तहसील के बड़रांव, दोहरीघाट, घोसी, मधुबन तहसील के फतेहपुर मंडाव और सदर तहसील के कोपागंज और रतनपुरा ब्लाकों के हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती करने वाले किसान केवल नहरों के पानी पर निर्भर रहते हैं।
नहरों से ही खरीफ की फसलों, हरे चारे, ज्वार, बाजरा, उड़द, सूर्यमुखी, सब्जियों और गन्ने की फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर सिंचित क्षेत्रों के किसान धान की फसल की अच्छा उत्पादन करते हैं। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की किसान विरोधी सोच के चलते जिले की दोनों प्रमुख नहरें सूखी हैं।
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पूर्व ग्राम प्रधान जय प्रकाश राय, नरेश यादव, विपिन राय, अवधेश राम, आदि का कहना है कि प्रक़ृतिक आपदाओं के चलते रबी की फसलों की बरबादी झेल चुके किसानों के प्रति जिला प्रशासन का रवैया काफी असंतोषजनक है। नहरों में पानी न होने से धान की नर्र्सरी पिछड़ रही है।
वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश कुमार और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव विनय कुमार राय बंटी ने चेतावनी दी है कि यदि अविलंब नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो क्षेत्र के हजारों किसान सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
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जिले के तीन चौथाई क्षेत्रफल में फसलों की सिंचाई दोहरीघाट पंप कैनाल और शारदा सहायक नहरों से होती है।
घोसी तहसील के बड़रांव, दोहरीघाट, घोसी, मधुबन तहसील के फतेहपुर मंडाव और सदर तहसील के कोपागंज और रतनपुरा ब्लाकों के हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती करने वाले किसान केवल नहरों के पानी पर निर्भर रहते हैं।
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नहरों से ही खरीफ की फसलों, हरे चारे, ज्वार, बाजरा, उड़द, सूर्यमुखी, सब्जियों और गन्ने की फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर सिंचित क्षेत्रों के किसान धान की फसल की अच्छा उत्पादन करते हैं। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की किसान विरोधी सोच के चलते जिले की दोनों प्रमुख नहरें सूखी हैं।
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पूर्व ग्राम प्रधान जय प्रकाश राय, नरेश यादव, विपिन राय, अवधेश राम, आदि का कहना है कि प्रक़ृतिक आपदाओं के चलते रबी की फसलों की बरबादी झेल चुके किसानों के प्रति जिला प्रशासन का रवैया काफी असंतोषजनक है। नहरों में पानी न होने से धान की नर्र्सरी पिछड़ रही है।
वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश कुमार और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव विनय कुमार राय बंटी ने चेतावनी दी है कि यदि अविलंब नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो क्षेत्र के हजारों किसान सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे।