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‘इस्लाम में दहेज के लिए कोई जगह नहीं’ः मौलाना सुफियान
Mon, 11 Mar 2019 11:11 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Mon, 11 Mar 2019 11:11 PM IST
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मुहम्मदाबाद गोहना के अतरारी गांव में इज्तेमा में पहुंचे मुस्लिम बंधु।
- फोटो : mau
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वलीदपुर अतरारी गांव स्थित माडर्न स्पोर्टिंग खैराबाद के ग्राउंड में आयोजित तब्लीगी इज्तेमा के आखिरी दिन मौलानाओं ने देश में अमन चैन शांति की दुआ कराई। मौलाना मुफ़्ती जावेद मऊवी ने सामूहिक रुप से 47 जोड़ों का दहेज रहित निकाह कराया। कहा कि इस्लाम में दहेज का कोई स्थान नहीं ह्रैं।
सहारनपुर से आए मौलाना मुफ़्ती सुफियान ने कहा कि इस्लाम में दहेज का कोई स्थान नहीं है। शादी बिना दहेज के ही होनी चाहिए। बावजूद इसके यदि कोई दहेज लेता है या मांग करता है तो वह नियम विरुद्ध है।
इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता। यह कार्यक्रम मुसलमानों में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने व उनसे दूर रहने के लिए इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है।
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रविवार को बाद नमाजे मगरिब और सोमवार को बाद नमाजे फज्र तकरीर के आयोजन हुए। इस दौरान उलेमा ने मुसलमानों से अल्लाह के बताए हुए रास्ते पर चलने की नसीहत की। कहा अल्लाह राजी हो गया तो समझिए आप की आखिरत संवर गई। इसके बाद हुई दुआ में मुल्क की खुशहाली की दुआ मांगी गई। इस दौरान काफी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।
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सहारनपुर से आए मौलाना मुफ़्ती सुफियान ने कहा कि इस्लाम में दहेज का कोई स्थान नहीं है। शादी बिना दहेज के ही होनी चाहिए। बावजूद इसके यदि कोई दहेज लेता है या मांग करता है तो वह नियम विरुद्ध है।
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इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता। यह कार्यक्रम मुसलमानों में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने व उनसे दूर रहने के लिए इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है।
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रविवार को बाद नमाजे मगरिब और सोमवार को बाद नमाजे फज्र तकरीर के आयोजन हुए। इस दौरान उलेमा ने मुसलमानों से अल्लाह के बताए हुए रास्ते पर चलने की नसीहत की। कहा अल्लाह राजी हो गया तो समझिए आप की आखिरत संवर गई। इसके बाद हुई दुआ में मुल्क की खुशहाली की दुआ मांगी गई। इस दौरान काफी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।