फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   The truth of MNREGA: offer of work to dead person

मनरेगा का सच : मृत व्यक्ति को दिया जा रहा काम का ऑफर

Sat, 22 Aug 2020 09:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 09:30 PM IST
विज्ञापन
The truth of MNREGA: offer of work to dead person
कोपागंज। कोरोना महामारी में कामधाम छोड़कर आए हजारों प्रवासियों के समक्ष रोजगार के लाले पड़े हैं, रोजगार के इंतेजार में प्रवासी जहां चक्कर लगा रहें, वहीं प्रवासियों को रोजगार मुहैया कराने का दम भरने वाला मनरेगा दस वर्ष पूर्व मरे व्यक्ति को रोजगार मुहैया करा रहा है। यह मामला रईसा गांव का है, जहां जॉबकार्ड धारक की मौत दस वर्ष पूर्व हो चुकी है। लेकिन उसके नाम पर मनरेगा काम का ऑफर जारी कर रहा है। और तो और दस वर्ष पूर्व मरे व्यक्ति के द्वारा किए गए कार्य का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। मनरेगा में व्याप्त इस लापरवाही की जानकारी होने पर संबंधित अधिकारी मौन साधे हुए है।
विज्ञापन

कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के रईसा गांव निवासी अलाउद्दीन पुत्र मोदीन के नाम से 25 जून 2008 में जॉब कार्ड जारी हुआ था। उसके जॉबकार्ड का नंबर 56-005-057-001/25 है। अलाउद्दीन जॉब कार्ड धारक होने के तीन माह तक मनरेगा के तहत मिलने वाले कार्य को करता रहा। इस बीच जून 2010 में उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उसको मनरेगा के तहत काम का ऑफर मिलता रहा। हद तो तब हो गयी जब कोराना महामारी के चलते घर लौटे प्रवासी मजदूरों के बेकार बैठने के बाबजूद भी उनको काम का ऑफर न देकर 24जून 2020 से 28 जून 2020 तक उसको मनरेगा के तहत काम का ऑफर दिया गया है। साथ ही साथ मृत्यु से पहले अलाउद्दीन द्वारा की गई मजदूरी का भुगतान दस वर्ष बीतने के बाद भी नहीं किया गया है। गांव निवासी ओम प्रकाश राय का कहना है कि मनरेगा में पैसों का खेल जारी है। इन लोगों के लिए मनरेगा योजना दुधारु गाय बनी हुई है। उन्होंने इस लापरवाही की जांच और दोषी के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग किया है। इस लापरवाही के बाबत पूछे जाने पर खंड विकास अधिकारी राम किशोर वर्मा ने कहा कि ऐसा नही हो सकता है। यदि ऐसा है तो जांच कर दोषी के विरुद्घ करवाई की जाएगी।
विज्ञापन

बड़ी कार्रवाई के बाद नहीं चेत रहा विभाग
मऊ। मनरेगा के कार्यो में की गई लापरवाही के बाद रतनपुरा और रानीपुर ब्लाक क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी सहित कर्मचारियों के विरुद्घ कार्रवाई की गई। इसके बाद भी विभाग का तंत्रा भंग नहीं हुई। इसी तरह की लापरवाही करने पर रतनपुरा ब्लाक के खंड विकास अधिकारी रमेश यादव को निलंबित और संविदा कर्मचारियों को कार्य मुक्त किया गया था। रानीपुर में खंड विकास अधिकारी के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, साथ ही दो को कार्य मुक्त किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed