{"_id":"699604e971dee9b3480165a7","slug":"the-team-reached-the-sensitive-flood-affected-area-and-prepared-a-report-on-the-preparations-mau-news-c-295-1-mau1002-141089-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: संवेदनशील बाढ़ग्रस्त इलाके में पहुंची टीम, तैयारी की बनाई रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: संवेदनशील बाढ़ग्रस्त इलाके में पहुंची टीम, तैयारी की बनाई रिपोर्ट
विज्ञापन
सरयू नदी के किनारे गांवों में बाढ़ से निपटने की तैयारी पर एनडीआरएफ और राजस्व टीम ने शासन को रिपोर्ट भेजी। संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा और बचाव और संचार व्यवस्था पर चर्चा की गई थी। संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों, संसाधनों और बचाव रणनीति का आंकलन किया। इससे पहले तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह और वाराणसी से आए एनडीआरएफ निरीक्षक सुधीर कुमार ने लोगों को बाढ़ के विषय में जागरूक किया।
टीम दोरीघाट के चिऊटीडाड, औराडाड़ और रामपुर धनौली गांव में पहुंची। नदी नालों की स्थिति, तटबंधों की मजबूती, जलभराव की संभावनाएं, आवागमन मार्ग, ऊंचे सुरक्षित स्थल के साथ ही आपात स्थिति में तत्काल राहत बचाव की व्यवस्थाओं को देखा।
साथ ही संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर वहां अग्रिम तौर पर नाव, जीवन रक्षक उपकरण, अस्थायी शरण स्थल, चिकित्सा सहायता व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि बाढ़ से पहले की तैयारी ही नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान रजिस्ट्रार कानूनगो सुधाकर, लेखपाल मनीष सरोज, अवधेश चौहान आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
टीम दोरीघाट के चिऊटीडाड, औराडाड़ और रामपुर धनौली गांव में पहुंची। नदी नालों की स्थिति, तटबंधों की मजबूती, जलभराव की संभावनाएं, आवागमन मार्ग, ऊंचे सुरक्षित स्थल के साथ ही आपात स्थिति में तत्काल राहत बचाव की व्यवस्थाओं को देखा।
विज्ञापन
साथ ही संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर वहां अग्रिम तौर पर नाव, जीवन रक्षक उपकरण, अस्थायी शरण स्थल, चिकित्सा सहायता व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि बाढ़ से पहले की तैयारी ही नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान रजिस्ट्रार कानूनगो सुधाकर, लेखपाल मनीष सरोज, अवधेश चौहान आदि लोग मौजूद रहे।